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डबल हो जाएगा रैपिड मेट्रो का किराया

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देश की पहली प्राइवेट मेट्रो (रैपिड मेट्रो) की हालत खस्ता है। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद यह घाटे में चल रही है। इससे उबरने को अब रैपिड मेट्रो प्रबंधन यात्री किराया दोगुना करने की फिराक में है। घाटे का हवाला देते हुए इसने हरियाणा सरकार को पत्र लिखा जिसे शहरी विकास मंत्रालय को भेज दिया गया। मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर रैपिड मेट्रो सेवा महंगी हो जाएगी। हालांकि इसके बाद इसके फेल होने के खतरे और बढ़ जाएंगे। रैपिड मेट्रो प्रबंधन ने सेवा के संचालन के वक्त बड़े दावे किए थे।
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कहा गया था कि इसकी यात्रियों की संख्या रोजाना 80 हजार तक पहुंचाई जाएगी। इसके लिए कई योजनाएं भी शुरू की गईं। इसके बावजूद परिचालन के आठ महीने बाद भी इसकी रोजाना की राइडरशिप 35 हजार से आगे नहीं बढ़ पाई। यात्रियों की कम संख्या के चलते प्रबंधन को आर्थिक घाटा उठाने के साथ ही बस फीडर सहित कई सेवाएं बंद करनी पड़ी। ऐेसे में रैपिड मेट्रो का फ्लैट किराया 12 से बढ़ा कर 23 रुपये करने से इसके संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बढ़ जाएगा। मंत्रालय की बगैर इजाजत के किराया नहीं बढ़ाया जा सकता।

क्यों नहीं बढ़ रहे यात्री

-सिर्फ कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए फायदेमंद
-रैपिड मेट्रो का रूट ऐसा, जहां आम आदमी का वास्ता नहीं
-रैपिड मेट्रो सेवा सिर्फ कामकाजी लोगों के लिए ही मुफीद
-कॉरपोरेट सेक्टर ने उतनी तबज्जो नहीं दी जितने की उम्मीद
-यात्रियों में रैपिड मेट्रो के प्रति उत्साह नहीं
-गुड़गांव से साइबर सिटी जाने वाले करते हैं निजी वाहनों का प्रयोग
-उद्योग विहार का इंडस्ट्रियल एरिया रैपिड मेट्रो से नहीं जुड़ सका
-शटल बस द्वारा उद्योग विहार को रैपिड मेट्रो स्टेशन को जोड़ने की योजना फेल
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यात्रियों क्या कहते हैं

रैपिड मेट्रो का रूट पुराने गुड़गांव को टच करता तो यात्रियों की कमी नहीं रहती।
-राजकुमार सैनी

साइबर सिटी में काम करता हूं। किराया बढ़ाने से ऑटो को अधिक महत्व दूंगा।
-सुशील शुक्ला

-रैपिड मेट्रो का सफर आम आदमी के लिए नहीं है। किराया बढ़ा तो पुराने यात्री भी भड़क जाएंगे।
-सिद्धार्थ सिंधू

रैपिड मेट्रो अगर यात्रियों की संख्या बढ़ाती है तो उसे पुराने गुड़गांव की ओर से भी विस्तार करना होगा।
-प्रवीण
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