नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) ने रविवार को बिल्डर्स के खिलाफ बड़े आंदोलन का एलान करते हुए रैपिड एक्शन टीम का गठन किया है। वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सुस्त रवैये से परेशान फ्लैट खरीदारों ने प्राधिकरण की जिम्मेदारी अब खुद उठाने का फैसला किया है। नेफोवा की टीम हर सप्ताह बिल्डर साइट पर जाकर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों की जांच करके खामियों की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाएगी। सुपरटेक के दो प्रोजेक्ट का दौरा कर रविवार से टीम ने काम भी शुरू कर दिया।
नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक ने बताया कि पजेशन के वक्त बिल्डर्स द्वारा मनमाने ढंग से अतिरिक्त रकम वसूली जा रही है। बिल्डर अपने हिसाब से प्रोजेक्ट का नक्शा बदलकर नए टावर और अतिरिक्त फ्लोर का निर्माण अवैध तरीके से कर रहे हैं। कई प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य की गति को देखकर भविष्य में पजेशन की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही है। जगह-जगह खरीदार प्रदर्शन करने को मजबूर हैं, लेकिन संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे। नेफोवा की महासचिव श्वेता भारती ने बताया कि आए दिन फ्लैट की छत और प्लास्टर गिरने जैसी घटनाओं से खरीदारों में गुणवत्ता के प्रति असंतोष है।
यूपी एक्ट के तहत कदम उठाए प्राधिकरण
नेफोवा के पदाधिकारियों का कहना है कि बिल्डरों की शिकायत कई बार प्राधिकरण से की गई, लेकिन काई कार्रवाई नहीं हुई जबकि यूपी अपार्टमेंट एक्ट के तहत ऐसी सभी समस्याओं पर प्राधिकरण उचित कदम उठाने के लिए सक्षम है। अधिकारी तमाशबीन बने हुए हैं, इस कारण ये टीम बनाई गई है।
सात सदस्यीय टीम खोलेगी पोल
नेफोवा की रैपिड एक्शन टीम में सात मुख्य सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें विशाल पपनेजा, अमित विश्रोई, प्रदीप नेगी, मनिक्षित यास्क, सुमित सक्सेना, इंद्रिश गुप्ता और अभिषेक कुमार शामिल हैं। ये टीम हर सप्ताह ग्रेनो वेस्ट के विभिन्न बिल्डर प्रोजेक्ट साइट पर जाकर जांच पड़ताल करेगी। रविवार को टीम ने खरीदारों के साथ सुपरटेक के ग्रेनो वेस्ट स्थित इको विलेज-वन और इको विलेज-टू का दौरा किया।
प्राधिकरण से सीएम तक देंगे शिकायत
बिल्डर साइट पर निर्माण कार्य की गति, कंस्ट्रक्शन क्वालिटी, इलाके में प्रदूषण का स्तर और इसे बढ़ावा देने वाले कारणों की नियमित जांच कर ये टीम अपनी शिकायत डीएम, प्राधिकरण, विधायक, सांसद से लेकर सीएम तक पहुंचाएगी।