दिल्ली के नरेला की 14 वर्षीय छात्रा जो दशहरे का मेला देखकर लौट रही थी और रास्ते में उसका अपहरण कर लिया गया। बाद में उसका रेप किया गया और फिर जमीन में गाड़ दिया गया उस बच्ची के संबंध में ये बात सामने आ रही है कि उस दिन वो घर से निकलना ही नहीं चाहती थी।
घटना वाले दिन उसका घर से निकलने का मन नहीं था लेकिन वो अपनी बड़ी बहनों के बहुत कहने पर बाहर गई। लड़की के पिता, रिश्तेदार और कांती गांव के अन्य लोग याद करते हुए कहते हैं कि वो परिवार की सबसे छोटी बच्ची थी।
वह कक्षा 9 की छात्रा थी और पढ़ने में बहुत होशियार थी, वो बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती थी। तीन महीने पहले तक वो हरियाणा सरकार के स्कूल में पढ़ रही थी। पर तीन महीने पहले ही वो अकेली बच्ची बनी जिसने दिल्ली सरकार के स्कूल के कक्षा 9 की एंट्रेंस पास की। उसके पिता बताते हैं कि उसका दाखिला घर से दस मिनट की दूरी पर स्थित स्कूल में हुआ था।
पिता की मदद भी करती थी रेप पीड़िता
लड़की के पिता घर पास ही स्थित एक फैक्ट्री में काम करते हैं। वो बताते हैं कि उस दिन मेरी बच्ची मेले में नहीं जाना चाहती थी लेकिन मेरी दो बड़ी बेटियों ने उसे अपने साथ चलने के लिए मनाया।
उन्होंने आगे बताया कि हमने कभी नहीं सोचा था कि मेले में जाने से उसकी जान चली जाएगी। लड़की के पिता बताते हैं कि उनकी बेटी बहुत ही अनुशासित थी।
वो रोज सुबह जल्दी उठ जाती थी और अपने पिता की चाय की दुकान भी साफ करती थी। बता दें कि लड़की के पिता फैक्ट्री में काम करने के साथ ही चाय की दुकान भी चलाते हैं और उनकी सबसे छोटी बेटी यानी रेप पीड़िता इसमें उनकी मदद करती थी।
'पढ़ने में बहुत होशियार थी'
रेप करने के बाद हैवानियत से कत्ल कर दी गई लड़की अपने घर में सबसे छोटी थी। उसकी दो बड़ी बहने हैं। एक 15 साल की है और सबसे बड़ी वाली 22 साल की है।
इन तीन बहनों का एक भाई है लोकेश जो अभी 10 साल का है। लड़की के परिवार वाले बताते हैं कि वो पढ़ने में बहुत अच्छी थी। जब भी कभी सब नाश्ते पर बैठते थे तब वो सबसे पहले अपना नाश्ता खत्म करके वापस पढ़ने चली जाती थी क्योंकि वो डॉक्टर बनना चाहती थी।
उसके परिवार का कहना है कि तीन महीने पहले कई लोग दिल्ली के एक सरकारी स्कूल के एंट्रेंस परीक्षा में बैठे थे लेकिन केवल पीड़िता ही उस परीक्षा में सफल होने वाली एक मात्र लड़की थी।
गांव वाले उसे एक साधारण और शांत लड़की के रूप में जानते हैं। वो अपने में ही रिजर्व रहने वाली लड़की थी और उसने कभी किसी से कड़े शब्दों में बात नहीं की थी।