एक हफ्ते पहले बिनौला गांव में हुए गैंगरेप मामले में पीड़ित परिजन शनिवार को परिवार व सामान सहित पुलिस आयुक्त के दफ्तर पहुंच गए। दफ्तर में आकर वे जमीन पर बैठ गए और पुलिसकर्मियों पर ही आरोप लगाना शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मियों के समझाने के बावजूद वे यहीं डटे रहे। परिवार के लोग एफआईआर की कॉपी समेत अन्य दस्तावेजों की मांग करते रहे। करीब तीन घंटे के बाद पुलिस आयुक्त के आदेश पर उन्हें एफआईआर की कॉपी मुहैया करा दी गई।
इसके बाद वह अधिकारियों की बात मान गए। हालांकि, उनके रहने और ठहरने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। पीड़िताओं के नाना ने कहा कि पुलिस उनके ठहरने का इंतजाम करे।
ये है मामला
एक हफ्ते पहले बिनौला गांव में मूलरूप से मध्यप्रदेश की रहने वाली दो सगी नाबालिग बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने आरोपी मकान मालिक और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़िताओं के नाना का कहना है कि वारदात के बाद 9 अगस्त को सिविल अस्पताल से बच्चियों को छुट्टी देने के बाद उन्हें पुलिस ने एनएच-8 स्थित एक होटल ठहरा दिया। उनका आरोप है कि होटल में रोज कुछ लोग आते और उनसे बयान बदलने का दबाव बनाने लगे।
उनके बयान को भी पुलिस ने दर्ज नहीं किया। पीड़िताओं की मां ने बताया कि आरोपी पक्ष उन पर बयान बदलने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं जिस होटल में उन्हें ठहराया गया है, वहां पर उन्हें पूरा खाना भी नहीं दिया जा रहा है।