इंद्रलोक दुष्कर्म मामले की जांच में मौके से आरोपी की हथेली की छाप लेने में लापरवाही सामने आई है। घटना के बाद मौके से जो प्रिंट लिए गए उसके नतीजे फोरेंसिक जांच में संतोषजनक नहीं रहे।
इसके चलते पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में आरोपी कैब चालक की हथेली की दोबारा छाप ली। पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अदालत चार्जशीट पर सोमवार को संज्ञान ले सकती है।
तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी अजय कुमार मलिक के सामने आरोपी कैब चालक शिव कुमार यादव को पेश किया गया। पुलिस ने आवेदन दायर कर उसकी हथेली की छाप दोबारा लेने की आग्रह किया।
एसएचओ अनिल दुरेजा ने कोर्ट को बताया कि आरोपी के फिंगर प्रिंट के नतीजे सही आए हैं लेकिन उसकी हथेली की छाप का प्रिंट धुंधला आया है। इसलिए उसकी हथेली की छाप दोबारा लेने की अनुमति दी जाए।
रोज होगी मामले की सुनवाई
अदालत ने पुलिस को यह आवेदन अन्य एमएम के समक्ष लगाने के लिए कहा। पुलिस ने एमएम रविंद्र कुमार पांडेय के समक्ष आवेदन व आरोपी को पेश किया जहां पर उसकी हथेली की छाप ली गई।
पुलिस ने इसके बाद आरोपी शिव कुमार यादव को दोबारा एमएम अजय कुमार मलिक के समक्ष पेश किया। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी के वकील को चार्जशीट की कॉपी व ई-चालान सौंप दिया। कोर्ट ने कहा कि यह संवेदनशील मामला है और इसकी सुनवाई प्रतिदिन होगी। इसलिए बचाव पक्ष के वकील कोर्ट में चार्जशीट का निरीक्षण करें।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता आलोक द्विवेदी ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने चार्जशीट के साथ पेश किए दस फोटो उपलब्ध नहीं करवाए हैं। चार्जशीट के साथ रंगीन रूट मैप दिया गया लेकिन बचाव पक्ष को ब्लैक एंड व्हाइट नक्शा दिया है।
44 गवाह देंगे शिव के खिलाफ गवाही
पुलिस के मुताबिक फोटो व रंगीन रूट मैप उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया जाए। अदालत ने कहा पुलिस सोमवार तक यह दस्तावेज बचाव पक्ष को उपलब्ध करा दे। इसके बाद चार्जशीट पर विचार किया जाएगा।
पेश मामले में सराय रोहिल्ला पुलिस का आरोप है कि कैब में आरोपी चालक ने 5 दिसंबर की रात गुड़गांव से इंद्रलोक के रास्ते में दुष्कर्म किया और उसके बाद पीड़िता को उसके घर के नजदीक छोड़ कर चला गया था।
पुलिस ने 24 दिसंबर 2014 को चार्जशीट पेश कर आरोपी पर दुष्कर्म, अपहरण, मारपीट व धमकी देने की धाराएं लगाई हैं। चार्जशीट में 44 गवाहों की सूची दी गई है। इनमें उबर कैब के अधिकारियों के भी नाम शामिल हैं। चार्जशीट में सैटेलाइट रूट मैप, जीपीएस ट्रैक रिकार्ड, पीड़िता के बयान व उसकी मेडिकल रिपोट, कैब की फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट पेश की है।