दिल्ली बीजेपी नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी और विक्रम मित्तल।
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विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली सरकार पहलवानों की समर्थक दिखने का नाटक कर रही है। सरकार बताए कि सत्ता में आने के बाद उसने खेलों और खिलाड़ियों के लिए क्या कदम उठाए हैं। खेल फेडरेशन को दी जाने वाली मदद क्यों रोक दी गई है। दिल्ली देहात में अखाड़ों के विकास के लिए भी पिछली सरकारें धनराशि खर्च किया करती थीं, लेकिन केजरीवाल सरकार ने उस पर भी रोक लगा दी।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने केजरीवाल सरकार को घेरा
पहलवान दिव्या काकरान का उदाहरण सभी के सामने है। दिव्या ने आठ बार भारत केसरी के अलावा बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता। कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भी वे स्वर्ण पदक विजेता रही। इसके अलावा एशिया चैंपियनशिप में 4 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य जीतकर तहलका मचाया था। ऐसी नामी पहलवान ने जब दिल्ली सरकार से मदद की गुहार लगाई तो उसे मदद देना तो दूर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उसका समर्थन भी नहीं किया। भारी मन से वह दिल्ली छोड़कर यूपी चली गई। अब वह किस मुंह से महिला पहलवानों के समर्थन की बात कह रहे हैं। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने और दिल्ली के खिलाड़ियों को सुविधाएं देने की सारी योजनाएं भी कागजी साबित हुई हैं।
जानें क्या है मामला
दिल्ली के जंतर मंतर पर देश के पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके ऊपर यौन शोषण का आरोप लगा है और दिल्ली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। वहीं इस मामले पर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने कहा कि यौन उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर 2022 में साई के साथ हमारी मीटिंग हुई थी। कुश्ती के बच्चों ने एक स्वर में कहा था कि हमारे यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई।
वहीं दूसरी तरफ साल 2018 में विनेश फोगाट ने कहा था कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई। जंतर-मंतर पर इन्हीं खिलाड़ियों ने कहा कि हमारे साथ ऐसा नहीं हुआ, अन्य खिलाड़ियों के साथ हुआ। 2011 से लेकर आज तक एक भी शिकायत न तो सरकार के पास है और न साई के पास है। बृजभूषण सिंह के खिलाफ कार्रवाई न होने से महिला पहलवान नाराज हैं।