भाजपा ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को खुली चुनौती दी है कि वह साबित करें कि बसों की खरीद व रखरखाव के लिए टेंडर नहीं हुआ था। सच्चाई यह है कि दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान भी सरकार ने माना था कि टेंडर ही नहीं वर्क ऑर्डर व अनुबंध भी हो गया है।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के नेता झूठ बोल रहे हैं कि एक हजार सीएनजी बसों की खरीद या उनके रखरखाव के लिए टेंडर नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि विधानसभा में केजरीवाल सरकार ने खुद जवाब दिया है कि कैबिनेट के फैसले के बाद सिर्फ टेंडर ही जारी नहीं किए गए थे बल्कि वर्क ऑर्डर कर दिया गया था और कंपनियों के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर भी कर दिए गए थे। भाजपा सदस्यों द्वारा घोटाला प्रकाश में लाए जाने और उपराज्यपाल को शिकायत देने के बाद यह वर्क ऑर्डर स्थगित किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आम आदमी पार्टी के नेता सफेद झूठ बोल रहे हैं और दिल्ली की जनता को गुमराह कर रहे हैं।
बिधूड़ी ने दस्तावेजी सबूत पेश करते हुए कहा है कि भाजपा के विधायक अजय महावर ने दिल्ली विधानसभा में इस बारे में प्रश्न किया था। 3 जनवरी 2022 को विधानसभा में प्रधान सचिव (परिवहन) आशीष कुंद्रा के हवाले से जो जवाब दिया गया था, वह आम आदमी पार्टी के दावे को पूरी तरह झुठलाता है। जवाब में साफ कहा गया है कि कैबिनेट के फैसले के अनुसार मार्च 2020 में 1000 नई बसों की खरीद के लिए टेंडर जारी किए गए थे जिस पर दो बिड प्राप्त हुई थीं। 15 जनवरी 2021 को 1000 लो फ्लोर सीएनजी बसों की सप्लाई के लिए और 29 जनवरी 2021 और 1 फरवरी 2021 को एएमसी के लिए बस निर्माताओं को ऑर्डर भी दे दिया गया था। मगर 12 मार्च 2021 को उपराज्यपाल को लिखित में दी गई शिकायत के कारण 1000 बसों की खरीद व उनके एएमसी अनुबंध को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया।