घर पर ही किया कन्यापूजन
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लॉकडाउन में नवरात्र की नवमी को नौ कन्याओं के पूजन की जगह मां भगवती के नौ कन्या स्वरूपों की सुपारी के रुप में सांकेतिक पूजा की गई। वहीं कन्याओं को दी जाने वाली दक्षिणा और उपहारों की जगह राशि को पीएम और सीएम फंड में जमा कराया गया।
नवरात्रों में अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं का पूजन किया जाता है। लॉकडाउन के चलते कन्याओं की पूजन नहीं किया जा सका। लेकिन इसके बावजूद शहरवासियों ने जरूरतमंदों का पेट भरने का निर्णय लिया।
सेक्टर-110 निवासी नवदीप ने बताया कि वह हर नवरात्र नौ कन्याओं का पूजन करते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने सिर्फ अपनी बेटी का ही पूजन किया। दक्षिणा में दी जाने वाली राशि को पीएम और सीएम फंड में जमा किया है।
स्वरूप गार्डन निवासीर डिंपल शर्मा ने बताया कि नौ कन्याओं की जगह मैंने अपनी दो बेटियों का ही पूजन किया। मेरी दोनों बेटियों ने मिल कर पीएम और सीएम फंड में राशि जमा करने की बात कही।
घर में ही किया कन्यापूजन
- फोटो : लाल सिंह
नवरात्र के नौवें दिन यानी रामनवमी पर घरों में भगवान राम समेत देवी दुर्गा की पूजा अर्चना की गई। वहीं लोगों ने कंजक पूजन अपने-अपने तरीके से किया। वसुंधरा के लोगों ने कंजक पूजन के लिए अपनी दान सामग्री पार्क में रखी, जिसे आरडब्ल्यूए द्वारा सोशल डिस्टेंशिंग को निभाते हुए कंजकों में वितरित किया गया। वहीं ऑल इंडिया वूमेन कांफ्रेंस की ओर से नवमी पूजन के बाद मलिन बस्तियों में कच्चा राशन भिजवाया गया।
टीएचए में कंजक पूजन के लिए पहले से ही लोगों ने अलग-अलग प्लान किया था। गुरुवार को कंजक पूजन हुआ और कन्या सहित उनके परिवार तक भी खाना पहुंचा। ऑल इंडिया वूमेन कांफ्रेंस की अध्यक्ष किरण श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को भी उन लोगों ने वसुंधरा सेक्टर-11 और 16 की झुग्गियों में कन्या के परिवार को दान किया था।
वहीं वसुंधरा सेक्टर-1 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने बताया कि पार्कों में रखवाए गए दान पात्र में रजिडेंट्स ने बड़ी संख्या में कंजकों के लिए उपहार पैकेट में रखे, जिसे गरीबों के बीच वितरित किया गया।
लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण की वजह से मंदिरों में भक्त नहीं दिखे। सभी मंदिरों में भी पुजारियों ने पूजा अर्चना की। घरों में ज्यादातर भक्तों ने हवन करके व्रत का परायण किया। जिन घरों में नवमी पूजा होती है उन सभी ने नवमी के दिन पूजा का समापन किया। नवमी के दिन मंदिरों में मां सिद्धिदात्री की पूजा हुई। नवमी पूजा करके लोगों ने गरीब कन्याओं को भोजन कराया।
कई सोसायटीज में लोगों ने कन्याओं को जिमाकर उनका दान दानपात्र में रख दिया जिसका वितरण सोसायटी के सदस्यों ने गरीबों में कर दिया। राजनगर एक्सटेंशन की कई सोसायटीज में आरडब्ल्यूए ने अपील की थी कि सभी कंजकों के लिए पूड़ी सब्जी और हलवा आदि के पैकेट बनाकर सोसायटी के गेट पर रख दिए जाएं वह पैकेट जरूरमंदों को बांट दिए जाएंगे।
राजनगर एक्सटेंशन स्थित आशियाना पामकोर्ट सोसायटी में पके हुए खाने की जगह आरडब्ल्यूए ने डब्बे में राशन आदि सामान दान देने की अपील की थी। लोगों ने बिस्किट के पैकेट्स, दाल चावल आदि दान किया। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एंक्लेव में आरडब्ल्यूए ने सभी से खाने के पैकेट बनाकर सोसयाटी के गेट पर रखवाने की अपील की।
ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी के निवासियों ने कोरोना को ध्यान में रखकर नवमी पर कन्या भोज करने से परहेज किया। लोगों ने कन्याओं के नाम का खाना जरूरतमंदों को खिलाया। किसी ने कन्या भोज के नाम की धनराशि प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा की। वहीं, कुछ ने घर की ही कन्याओं को भोजन कराकर नवमी मनाई।
ग्रेनो वेस्ट की अरिहंत आर्डेन सोसाइटी के कुछ निवासियों ने बुधवार को ही अष्टमी मनाई। इन लोगों ने बताया कि सोसाइटी में तय हुआ है कि कोरोना के कारण कन्याओं को भोजन कराने से बचना होगा।
कन्याओं के नाम से खाना बनाकर सोसाइटी के गेट पर उपलब्ध करवा दें। खाना जरूरतमंद लोगों को खिलाया जाएगा। इसी के तहत अष्टमी पर लोगों ने खाना बनाकर जरूरतमंदों लोगों के लिए दिया। इसी तरह नवमी मनाने वाले लोग भी ऐसा ही करेंगे।
वहीं, पंचशील ग्रींस वन सोसाइटी में कन्या भोज पर आने वाले खर्च को प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करने की अपील की। बड़ी संख्या में निवासियों ने अपील को स्वीकार किया और अपनी श्रद्धा से पैसा जमा किया। वहीं, अन्य सोसाइटियों में भी कन्या भोज के आयोजन से बचा गया। लोगों ने अपने घर की ही कन्याओं को भोजन कराकर अष्टमी मनाई। नवमी पर भी लोग ऐसा नहीं करेंगे।