फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

100 साल बाद भारत लौट पैतृक गांव की माटी को चूमकर लगाया तिलक, भर आईं आंखें

Wed, 23 Jan 2019 04:04 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौराबादशाहपुर
विज्ञापन
मारीशस से सरसौड़ा गांव पहुंचे पत्नी और दो बेटों के साथ राम सिंह करिया
विज्ञापन

अपने पूर्वजों के गांव की तलाश करते राम सिंह करिया मंगलवार को मारीशस से सरसौड़ा गांव पहुंचे। पत्नी और दो बेटों के साथ यहां पहुंचे राम सिंह करिया का गांव के लोगों ने बैंड बाजे के साथ माल्यार्पण कर स्वागत किया। पूर्वजों के गांव की मिट्टी का तिलक लगा कर वे भावुक हो गए ।

विज्ञापन


राम सिंह करिया मारीशस में पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनात हैं, उनकी पत्नी प्रेमिता वहां सेल टैक्स निरीक्षक हैं। राम सिंह के परदादा करिया 1909 में गिरमिटिया मजदूर के रूप में कोलकाता से मारीशस गए थे। करिया वापस अपने वतन नहीं लौट सके तो वहीं पर घर बसा लिया।

राम सिंह कहते हैं कि जब उन्हें मारीशस में यह पता चला कि उनके पूर्वज भारत से आए थे तो उन्हें पूर्वजों का गांव देखने की जिज्ञासा हुई। इसके लिए उनका दोस्त जगन्नाथ उन्हें लेकर मारीशस स्थित महात्मा गांधी गांधी इंस्टीट्यूट की लाइब्रेरी में गया। पता चला कि उनके परदादा जौनपुर के धर्मापुर विकास खंड के सरसौड़ा गांव के थे। इस गांव को खोजने में फेसबुक के माध्यम से धर्मापुर के जिला पंचायत सदस्य सुखराम बिंद ने भी उनकी मदद की थी।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

राम सिंह करिया - फोटो : amar ujala
सरसौड़ा गांव आए राम सिंह करिया के स्वागत के लिए गांव के रास्ते को गुब्बारे से सजाया गया था। यहां पहुंचने पर ग्राम प्रधान लालबिहारी सिंह के नेतृत्व में उनके परिजनों और ग्रामीणों ने बैंड बाजे के साथ उनका स्वागत किया। उनके साथ पत्नी प्रेमिता (44), पुत्र किरतेश सिंह करिया (20) और वीर सिंह करिया (14) भी थे।

उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है की जैसे खुली आंख से कोई सपना देख रहे हो। वह भावुक होकर सबसे गले लग गए और बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कुलदेवता की पूजा की और पैतृक आवास को देखा। राम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें