दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) के शुक्रवार को हुए चुनाव में इस बार इतिहास रचा गया।
तीस हजारी बार एसोसिएशन के कई बार अध्यक्ष रहे राजीव खोसला ने हाईकोर्ट के कई धुरंधरों को पटखनी देकर डीएचसीबीए के अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया।
खोसला ने 1774 वोट पाकर डीके शर्मा को 838 वोटों से हराया। इस पद पर पहली बार जिला अदालत के पदाधिकारी ने कब्जा जमाया।
वहीं महासचिव पद पर अभिजात ने मनीष कोचर को हराया। केंद्र सरकार के मामलों की पैरवी कर रहे जतन सिंह ने उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।
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इसके अलावा संयुक्त सचिव पद पर विक्रम सिंह पवार, मेंबर एग्जीक्यूटिव पद पर आशुतोष लोहिया, सीनियर मेंबर पद पर अमित खेमका व अरुण टिक्कू विजयी घोषित किए गए। वहीं महिला सदस्य पद पर मेघना मित्तल सांखला विजयी हुईं।
गौरतलब है कि राजीव खोसला व निचली अदालत की एसोसिएशनों पर कई बार पदासीन रहे वकीलों को रोकने के लिए डीएचसीबीए के नियमों में कई बार बदलाव किए गए। मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गया।
हाईकोर्ट का फैसला डीएचसीबीए के हक में गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने चुनावों का रुख बदल दिया। सर्वाधिक विरोध खोसला को लेकर था।
वे न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा कई बार उठा चुके हैं। उन्होंने जजों के बेटों व रिश्तेदारों द्वारा उसी अदालत में वकालत करने पर भी आपत्ति जताई थी।