रोडवेज बसों से सफर महंगा हो गया है। यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने बसों के किराए में बढ़ोतरी कर दी है। अब नोएडा से लंबी दूरी का सफर तय करने के लिए दो रुपये तक ज्यादा चुकाना होगा। बढ़ा किराया मंगलवार आधी रात से लागू कर दिया गया है।
किराया बढ़ने के संकेत एक सप्ताह पहले ही मिल गए थे। दो फरवरी को राज्य परिवहन प्राधिकरण ने किराया वृद्धि पर मुहर लगा दी थी। हालांकि, इसकी अधिसूचना तीन फरवरी को जारी होनी थी। किराए में औसतन एक पैसा प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है।
50 किलोमीटर से ज्यादा दूरी का सफर करने के लिए एक से दो रुपया ज्यादा चुकाना होगा। पहले 78 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया वसूला जा रहा था। अब 79 पैसे प्रति किलोमीटर किराया वसूला जाएगा। नोएडा से दिल्ली और सिटी के अंदर बस सेवा पर बढ़े किराए का असर नहीं पड़ेगा।
सीएनजी के दाम घटने पर भी बढ़ा किराया
किराया वृद्धि पर निर्णय जब लिया गया था, उस समय सीएनजी की कीमतों में कमी का ऐलान नहीं हुआ था। सीएनजी की कीमत 15 रुपये कम होने के बाद भी किराए में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। किराया बढ़ने से रोडवेज को घाटे से उबरने में मदद मिलेगी, लेकिन सीएनजी की घटी दरों के बावजूद किराया बढ़ाना यात्रियों की समझ से परे है।
60 लाख घटा सीएनजी का खर्च
हर महीने नोएडा व ग्रेटर नोएडा डिपो में सीएनजी का खर्च 2.40 करोड़ रुपये का था। कीमतों में 15 रुपये की कमी आने के बाद सीएनजी के खर्च का आंकड़ा 1.80 करोड़ रुपये प्रति माह हो गया है। यानी प्रत्येक महीने 60 लाख रुपये सीएनजी पर कम खर्च करने होंगे।