शुक्रवार देर रात हुई जोरदार बारिश से क्षेत्र के किसानों को फायदा होने की बजाय नुकसान हो गया। देर रात करीब चार घंटे हुई बरसात के बाद गांव ठेकड़ी, ग्यासनियाबास व ढोंडकलां के किसानों की खेतों में खड़ी करीब 20 से 25 एकड़ फसल डूब गई। इस बीच तहसीलदार ने किसानों के हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं।
पिछले दो महीने से बारिश की बाट जोह रहे किसानों को शुक्रवार की रात हुई बारिश से काफी नुकसान हुआ है। इससे फिरोजपुर झिरका से सटे गांव ठेकड़ी और ग्यासनियाबास तथा ढोंडकला के किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
भारी बारिश के बीच किसानों की बाजरा, ज्वार, ढेंचा और सब्जियों में प्याज, बेंगन, गाजर, मूली तथा गोभी की फसल पानी में डूब कर तबाह हो गई।
संबंधित गांवों के किसान अली मोहम्मद, अख्तर हुसैन, उसमान, इब्राहिम, महमूद, रजाक, इरफान और सिरदार ने बताया कि शुक्रवार की बारिश से उन्हें राहत की उमीद थी लेकिन बारिश उनकी फसलों पर ऐसा कहर बनकर टूटी की उनके खेतों में खड़ी कई एकड़ फसल डूब गई। किसानों ने जिला उपायुक्त से उनकी फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।
इस बीच फिरोजपुर झिरका के तहसीलदार राजेन्द्र सिंह वर्मा ने कहा कि उपरोक्त स्थानों का निरीक्षण करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को भेजकर नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।
वहीं तावडू़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम शुरू हुई बारिश रात भर जारी रही। शनिवार सुबह मूसलाधार बारिश के कारण कस्बे सहित क्षेत्र में जल भराव हो गया।
इसकी वजह लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली घर, सब्जी मंडी व लुहार बस्ती में पानी भरा हुआ है।
बिजली घर कंट्रोल रूम में लगी मशीनों में पानी पहुंच गया।। जिसकी वजह से बिजली घर की सप्लाई बंद हो गई। बिजली घर में जमा पानी को निकालने के लिए दमकल विभाग की गाड़ी लगी हुई थी।
वर्षा के कारण बिजली घर की चारदीवारी भी ढह गई। बिजली नही आने के कारण ग्रामीण क्षेत्र में पानी की किल्लत भी बढ गई।
कस्बे में पानी निकासी की सही व्यवस्था ने होने के कारण सभी वार्डों की गलियों में पानी जमा हो गया। कई घरों में भी पानी घुस गया। नूंह रोड पर एक बेसमेंट में पानी घुसने के कारण दुकानदारों का नुकसान हुआ है।
कस्बे का चन्द्रावती स्कूल भी मूसलाधार बारिश के कारण पानी में डूब गया। इसकी वजह से स्कूल प्रबन्धन को छुटटी करनी पड़ी।