देश के कई हिस्सों में शनिवार को मौसम अचानक बदल गया। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में कहीं-कहीं पर आंधी और बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को भी दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर पश्चिम भारत, मध्य और दक्षिण भारत में आंधी, बारिश और ओले गिरने के आसार हैं।
विज्ञापन
मौसम विभाग इसका कारण पाकिस्तान और सटे अफगानिस्तान पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, पश्चिमी राजस्थान पर बना हवा का कम दबाव का क्षेत्र और ठंडी व गर्म हवाओं का टकराव बता रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार रात की आंधी के बाद शनिवार को जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी/बारिश हुई। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर समेत देश के तमाम मैदानी इलाकों में आंधी, बारिश हुई।
विज्ञापन
पंजाब के अमृतसर में सबसे कम न्यूनतम तापमान
- फोटो : जी पॉल/अमर उजाला, नई दिल्ली
इससे देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। नोएडा में रिकार्ड तोड़ न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार और सोमवार को पहाड़ों पर कई जगह बर्फबारी/बारिश हो सकती है।
वहीं, दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर पश्चिम भारत के कई इलाकों में और देश बाकी कई क्षेत्रों में कहीं कहीं पर आंधी, बारिश और ओले गिरने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि फरवरी-मार्च में इस तरह मौसम बदलता है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि बारिश मानसून जैसी हो।
एक ही शहर में किसी क्षेत्र में बारिश हो जाती है और संभव है कि दूसरे क्षेत्र में न हो। लोगों को पसीना छुड़ा रही गर्मी से राहत मिलेगी। ओले और आंधी फसलों के लिए बहुत खतरनाक है।
इससे देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। नोएडा में रिकार्ड तोड़ न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार और सोमवार को पहाड़ों पर कई जगह बर्फबारी/बारिश हो सकती है। वहीं, दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर पश्चिम भारत के कई इलाकों में और देश बाकी कई क्षेत्रों में कहीं कहीं पर आंधी, बारिश और ओले गिरने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि फरवरी-मार्च में इस तरह मौसम बदलता है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि बारिश मानसून जैसी हो। एक ही शहर में किसी क्षेत्र में बारिश हो जाती है और संभव है कि दूसरे क्षेत्र में न हो। लोगों को पसीना छुड़ा रही गर्मी से राहत मिलेगी। ओले और आंधी फसलों के लिए बहुत खतरनाक है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान औसत से अधिक बना हुआ है। अगले 48 घंटे में उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान में तीन से छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। वहीं, मध्य भारत में तापमान तीन से चार डिग्री गिर सकता है।
ओले और आंधी रबी की फसलों के लिए अच्छी नहीं है। खेतों में इन दिनों गेहूं, चना, सरसों, मटर की आदि फसल पकने को तैयार है। अगर पानी के साथ आंधी चली तो फसल गिर जाएगी और दाने कमजोर हो जाएंगे जिससे फसल की पैदावार कम होगी।
साथ ही, इन दिनों आम के पेड़ों में में बौर आ चुके हैं। तेज हवा या ओले बौर गिराएंगे तो आम की फसल कम होगी।