दिल्ली महिला सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन भी सतर्क हो गया है। सीसीटीवी से ट्रेनों को लैस करने की बात तो की ही जा रही है साथ ही चलती ट्रेन में होने वाली छेड़खानी से भी निपटने की कवायद शुरू हो गई है। रेलवे सुरक्षा बल इसे लेकर स्पेशल ट्रेनिंग कार्यक्रम भी आयोजित करने जा रहा है। इसमें अधिकारी ट्रेनों में तैनात आरपीएफ जवानों को टिप्स देंगे और मॉक ड्रिल के लिए साथ-साथ सफर भी करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरपीएफ जवानों को न सिर्फ आपातकाल में यात्रियों की सुरक्षा से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि यह भी बताया जाएगा कि चलती ट्रेन में लूटपाट जैसी वारदात होने पर उनसे कैसे निपटा जाए।
उत्तर रेलवे आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त हरानंद ने बताया कि स्पेशल ट्रेनिंग के तहत हथियार का उपयोग करने की जानकारी दी जाएगी। आधुनिक हथियार रखने के भी तरीके सिखाए जाएंगे। विकट परिस्थितियों में यात्रियों को कोई नुकसान न हो इसका भी गुर सिखाया जाएगा।
महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटना रोकने के लिए गश्त करने की जानकारी भी बेहतर तरीके से दी जाएगी। जवानों के प्रशिक्षण में कसर न रह जाए, इसके लिए आधे दिन उन्हें मौखिक जानकारी दी जाएगी और बाकी के आधे दिन उन्हें ट्रेनों में भेजा जाएगा। दिल्ली में तीन दिनों की ट्रेनिंग आरपीएफ जवानों को दी जाएगी।