पांच अप्रैल से देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस पटरी पर दौड़ने लगी। इसी के साथ ही रेलवे के इतिहास में इसका नाम दर्ज हो गया। लेकिन ये ट्रेन अभी नेशनल ट्रेन इक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) की पटरी पर नहीं दौड़ पाई है।
लापरवाही का आलम देखिए प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में भी रेलवे का आई टी विभाग लापरवाही बरत रहा है। एनटीईएस में ट्रेन का नंबर अंकित करते ही उसके सामने ‘नो ट्रेन’ लिखकर आ जाता है। ऐसे में एनटीईएस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठना लाजिमी है। ये हाल तब है जबकि ये सभी ट्रेनों के बारे में अपडेट जानकारी यात्रियों को देने का दावा करता है।
रेलवे की लापरवाही से अपडेट नहीं हुई ट्रेन
देशभर के विभिन्न हिस्सों में दौड़ने वाली ट्रेनों के बारे में यात्रियों को अपडेट जानकारी देने के लिए सेंटर फॉर इनफारमेशन सिस्टम (क्रिश) बनाया गया है। इसक जरिये ही एनटीईएस संचालित होता है।
मंगलवार को जब एनटीईएस पर हजरत निजामुद्दीन से आगरा कैंट जाने वाली गतिमान एक्सप्रेस 12050/49 नंबर अंकित कर ट्रेन के बारे में जानकारी करनी चाही तो उस पर नो ट्रेन लिखा हुआ आ रहा था।
यानी रेलवे के आईटी विभाग ने गतिमान एक्सप्रेस को अभी तक एनटीईएस पर नहीं दौड़ाया। रेलवे आईटी विभाग की लापरवाही के चलते यदि कोई गतिमान एक्सप्रेस के परिचालन के बारे में जानकारी लेना चाहे तो उसे नहीं मिलेगी।
कॉशन ने गतिमान की स्पीड पर लगाया ब्रेक
मंगलवार से गतिमान एक्सप्रेस पटरी पर दौड़ने तो लगी है लेकिन ओल्ड रेलवे स्टेशन के पहले और मुजेसर फाटक के पास चल रहे कॉशन ने गतिमान की गति पर अभी ब्रेक लगा रखा है। उक्त दोनों स्थान पर ट्रेन की रफ्तार 75 किलोमीटर की गति से अधिक नहीं होती।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ओल्ड स्टेशन से पहले दिल्ली की ओर 45 किलोमीटर और मुजेसर फाटक के पास 75 किलोमीटर प्रति घंटे का कॉशन लगा हुआ है। जब तक दोनों कॉशन नहीं हट जाते, गतिमान की गति धीमी ही रहेगी।
गतिमान के परिचालन का पहला दिन होने के कारण हो सकता है थोड़ी-बहुत कमी रह गई हो। वैसे तो ऐसा होना नहीं चाहिए। फिर भी यदि एनटीईएस पर गतिमान अपडेट नहीं हो रही है तो संबंधित विभाग के बात कर इसे एक-दो दिन में अपडेट करा दिया जाएगा। -नीरज शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे