अमर उजाला की रिपोर्ट में दिखाया था कि चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर-38 के अंतर्गत शिव मंदिर बागीची तेजपाल, दरियागंज और जेजे बेला एस्टेट, विजय घाट इलाके में 2025 की मतदाता सूची में 729 मतदाता दर्ज थे। एसआईआर की मसौदा सूची में इनमें से सिर्फ एक नाम बचा मिला था। स्थानीय लोगों ने बताया था कि बाकी 728 लोगों के नाम सूची में नहीं हैं।
राहुल गांधी ने सोमवार को इसी मामले को लेकर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, इलाके में रहने वाले 729 लोगों में से एसआईआर के बाद केवल एक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में बचा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोग दशकों से यहां रह रहे हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी मतदान कर चुके हैं।
पहला असर
अमर उजाला ने उठाया था 728 वोटरों का मुद्दा
अमर उजाला की रिपोर्ट में बेला एस्टेट समेत बूथ नंबर-38 के इलाकों में मतदाता सूची से नाम गायब होने का मामला सामने आया था। स्थानीय लोगों ने बताया था कि प्रभावित परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं और लगातार चुनावों में मतदान करते आए हैं। कई लोगों ने दावा किया था कि उनके नाम के सामने मृत या पलायन कर चुके होने की जानकारी दर्ज है। नाम हटने के बाद स्थानीय लोग दोबारा फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में जुटे थे। इसी मामले के बाद राहुल गांधी का बेला एस्टेट पहुंचना स्थानीय स्तर पर सामने आए मतदाता सूची विवाद को लेकर राजनीतिक चर्चा का नया केंद्र बन गया है।
दूसरा असर
बेला एस्टेट के मतदाताओं के नाम पर ईआरओ का स्पष्टीकरण
दिल्ली की चांदनी चौक विधानसभा सीट के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने सोमवार को यमुना किनारे विजय घाट स्थित बेला एस्टेट के पात्र निवासियों से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरने की अपील की। इसके साथ निर्धारित दस्तावेज लगाने होंगे। ईआरओ ने कहा कि प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो।
राहुल गांधी ने बेला एस्टेट पहुंचकर मतदाताओं से बातचीत की
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