कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ के समक्ष यह तर्क रखा गया। पीठ राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। दिल्ली पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट और राहुल गांधी के वकील के बयान पर विचार करने के बाद अदालत ने यह कहते हुए याचिका का निपटारा कर दिया कि प्रार्थनाएं संतुष्ट हो गई हैं।
यह है मामला
मामला 2021 में दिल्ली कैंटोनमेंट इलाके में नौ साल की दलित लड़की से दुष्कर्म के बाद हत्या से संबंधित है। बच्ची अपने माता-पिता के साथ श्मशान घाट के सामने किराए के घर में रहती थी। शाम में वह श्मशान घाट के कूलर से पीने के लिए पानी लेने आई थी। इसके बाद उसकी संदिग्ध मौत हो गई थी। आरोपियों ने बच्ची की मां को बुलाकर कहा था कि करंट लगने से उसकी मौत हो गई है। आरोप है कि उसकी हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया था। जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल पीड़िता ने पीड़ित परिवार से मिलने गए थे। पीड़िता के गांव नांगल जाकर मुलाकात भी की थी। राहुल गांधी ने इस मुलाकात की तस्वीर टि्वटर पर पोस्ट भी की थी। गौरतलब है कि नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन जुर्म है।