साइबर सिटी में जब से राहगीरी शुरू हुई है तब से साइकिल कारोबार का मिजाज बदल गया है। जहां पहले साइकिलों के बिक्री की रफ्तार काफी मंद थी अब इसमें बूम आ गया है। शहर में रोजाना दर्जनों साइकिलों की खरीद हो रही है। इससे कारोबारियों के चेहरों पर चमक आ गई है। सबसे अधिक साइकिलें कॉरपोरेट सेक्टर के लोग खरीद रहे हैं। वहीं राहगीरी में हिस्सा लेने वाले आम लोगों में भी इसका क्रेज बढ़ा है।
गुड़गांव के साइकिल कारोबारियों का कहना है राहगीरी शुरू होने के बाद साइकिलों के प्रति लोगों का क्रेज बढ़ा है। पर स्वास्थ्य के प्रति संजीदा लोगों में इसका चलन पहले से ही है।
गुड़गांव की जानलेवा ट्रैफिक को देखते हुए लोग अब साइकिलों से चलने में भी परहेज करने लगे हैं। लोग अपने स्कूल जाने वाले बच्चों को भी साइकिल नहीं दिलाना चाहते हैं। मगर राहगीरी ने इसके प्रति क्रेज बढ़ाया है। इसी कारण साइकिलों की बिक्री में सकारात्मक इजाफा देखा जा रहा है।
सोहना रोड के रहेजा मॉल स्थित फायर फॉक्स साइकिल स्टेशन के विकास का कहना है कि बाइकिंग का भी गुड़गांव में क्रेज बढ़ रहा है। इस कारण साइकिलों के प्रति लोगों में रुझान बढ़ा है। उन्होंने बताया कि फायर फॉक्स की साइकिल की सबसे मिनिमम रेंज 10,690 रुपये की है। इनकी बिक्री सबसे अधिक हो रही है।
राहगीरी, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और पर्यावरण को लेकर सजगता से साइकिलों से चलने का चलन बढ़ रहा है। जब से पालम विहार में राहगीरी शुरू हुई है तब से उस इलाके के भी साइकिल बिक्रेता काफी उत्साहित हैं। वहां के बंगाली साइकिल स्टोर पर रौनक बढ़ गई है।
कॉरपोरेट कर्मी साइकिलों के दिवाने
कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वालों में पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति काफी सजग हो गई हैं। कई कंपनियों में तो साइकिलिंग क्लब तक बन गए हैं। गुड़गांव के विभिन्न मॉल्स के साइकिल शोरूम में साइकिलों की बिक्री बढ़ी है। 18 हजार से सात लाख तक की साइकिलें बिक रही हैं। इस सेक्टर के लोगों में इंपोर्टेड साइकिलों का क्रेज ज्यादा है। सबसे अधिक छह गीयर वाली साइकिलों की मांग है।