प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए रेलवे ने लोगों को नई दिल्ली से आगरा तक महज 90 मिनट में पहुंचाने का दावा बेशक किया हो, पर वह धरातल पर उतरती नजर नहीं आ रही है।
क्योंकि अब तक हुए ट्रायल की कहानी कुछ यही बयां कर रही है। अब तक हुए सातों ट्रायल में गतिमान एक्सप्रेस की टाइमिंग बढ़ती ही गई। ऐसे में इस ट्रेन के 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के दावे पर सवाल उठने लगे हैं।
इस ट्रेन के परिचालन के लिए सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा को लेकर है। क्योंकि नई दिल्ली से आगरा के बीच अभी भी कई किलोमीटर तक सुरक्षा दीवार नहीं बनाई जा सकी है।गतिमान एक्सप्रेस के ट्रायल आंकड़ों पर नजर डालें तो 3 जुलाई 2014 को हुए पहले ट्रॉयल में नई दिल्ली से आगरा तक पहुंचने में इसे 100 मिनट का समय लगा था।
जबकि दूसरी बार में 103 मिनट, तीसरी बार में 148 मिनट, चौथी में 150 मिनट, पांचवी बार में 168 और छठी में 115 मिनट में दूरी तय कर पाई थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब ट्रेन में यात्री भी होंगे तो 90 मिनट में ट्रेन आगरा तक पहुंच पाएगी। इसका जवाब रेल अधिकारियों के पास नहीं है।