इस प्रोजेक्ट को लेकर एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि एम्स में आभा के माध्यम से पर्ची बनाने की सुविधा विकसित की जाए। इस सेवा के माध्यम से मरीजों को पर्ची बनाने के लिए लंबी लाइनों में इंतजार नहीं करना होगा। वहीं, जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनकी आभा आईडी बनाने के लिए काउंटर और कियोस्क बनाए जाएंगे। यह सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक आभा आईडी तैयार करेंगे। 21 नवंबर से यह पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू होगा। वहीं 1 जनवरी 2023 को एम्स नई दिल्ली के सभी ओपीडी में लागू हो जाएगी।
बता दें कि एम्स की ओपीडी में आने वाले मरीज पंजीकरण के लिए लंबी लाइनें लगती है। कई मरीजों के पास आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए) उपलब्ध होने के बावजूद पंजीकरण के लिए मरीज को परेशान होना पड़ता है। इस समस्या को दूर किया जाएगा।
सभी मरीजों का तैयार होगा डाटा
एम्स में उपचार करवाने आ रहे सभी मरीजों का ‘व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड’ (पीएचआर) तैयार किया जाएगा। इनमें मरीज की पर्ची, मेडिकल रिपोर्ट व अन्य को ‘डिजिलॉकर’ में रखा जाएगा। इसके अलावा मरीजों की जागरूकता के लिए एक वीडियो संदेश भी तैयार किया जाएगा जिसे ओपीडी में 30 नवंबर से चलाया जाएगा।