सुबह से ही लोगों का बकरा मंडी पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों में उत्साह देखते ही बन रहा था। बकरीद को देखते हुए प्रसिद्ध मस्जिद से लेकर इलाकों में स्थित छोटी मस्जिदों में गुरुवार की सुबह की नमाज की तैयारी पूरी कर ली गई है। नमाजियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए तमाम तरह के इंतजाम किए गए हैं।
ईद की विशेष नमाज ज्यादातर मस्जिदों में सुबह सात बजे के आसपास होगी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुस्लिम समाज के लोगों के साथ ही प्रशासन ने भी तैयारी कर ली है। बकरीद को लेकर मुस्लिम बहुल इलाकों में बुधवार सुबह से ही चहल पहल दिखी।
पुरानी दिल्ली में लगा अस्थाई बकरा बाजार भी खरीदारी को भीड़ से खचाखच भरा रहा। बकरा खरीदने के लिए दिनभर लोगों की भीड़ जुट रही है। लोगों ने अमृतसरी नस्ल, तोतापरी, बरबरा, राजस्थानी समेत नई किस्म की नस्लों के बकरे की खरीदारी करते नजर आए। जो बकरा कुछ दिन पहले 60 हजार रुपये का मिल रहा था उसकी कीमत एक लाख पार थी।
कमोबेश यही हाल जामा मस्जिद, चितली कबर, तुर्कमान गेट, लाल कुआं, सीलमपुर, जाफराबाद, ओखला व तुगलकाबाद समेत कई जगह बकरा मंडी का देखने को मिला। हालांकि, कुछ लोगों ने तो काफी पहले ही बकरा खरीदकर पूर्व से ही रख लिया थे।