डीएमआरसी ने बताया कि शाम 5:35 बजे से सभी में लाइनों पर मेट्रो सेवाएं सामान्य तौर पर संचालित कर दी गई है। शनिवार से यात्रियों को सभी लाइनों पर नियमित सेवाएं मिलेंगी।
करनाल में पुलिस ने नाका खोला दिया है। किसानों को आगे जाने देने के लिए रास्ता साफ किया जा रहा है। किसान आंदोलन के कारण यहां दिनभर जाम रहा।
किसानों के प्रदर्शनस्थल से हटने के चलते अब भी दिल्ली की सीमाओं पर लंबा ट्रैफिक जाम लगा है। ऐसे ही दिल्ली गुरुग्राम बॉर्डर पर भी जाम लगा हुआ है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर लाल खट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार है। किसानों को सीधे केंद्र से बात करना चाहिए। सीएम खट्टर ने ट्वीट किया- मेरी किसान भाईयों से अपील है कि अपने सभी जायज मुद्दों के लिए केंद्र से सीधे बातचीत करें। आंदोलन इसका जरिया नहीं है। इसका हल बातचीत से ही निकलेगा।
दिल्ली पुलिस से राजधानी जाने की अनुमति मिलने के बाद भी प्रदर्शनरत किसान बुराड़ी जाने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वह अपने शीर्ष नेतृत्व का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही उनका ये भी कहना है कि बुराड़ी में जाकर उनका आंदोलन कमजोर पड़ सकता है। प्रदर्शन में किसानों के कई संगठन शामिल हैं। कई चाहते हैं कि बुराड़ी चला जाए और कई नहीं जाना चाहते।
किसान आंदोलन के चलते बंद किए गए रास्तों के कारण आज कई जगह पर आम लोगों परेशानियां हुईं। कॉलेजों के छात्रों की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गईं।
जब दिल्ली पुलिस ने यह फैसला ले लिया कि किसानों को बुराड़ी में प्रदर्शन करने दिया जाएगा तो करीब तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे किसान रास्ते से हट गए। किसानों का यह समूह शनिवार को दिल्ली कूच करेगा।
टिकरी बॉर्डर पर जब किसानों को पता चला कि उन्हें दिल्ली प्रवेश की अनुमति मिल गई है तो उन्होंने खुशी जताई। एक किसान ने कहा, हमने अपने रास्ते में तकरीबन 10 बाधाएं पार कीं। हम प्रशासन के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने हमें इजाजत दी ताकि हम प्रदर्शन कर सकें। हम खुश हैं और समस्या का सिर्फ शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।
दिल्ली पुलिस से बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की अनुमति मिलने के बाद अब हरियाणा में जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे किसानों का काफिल बुराड़ी जाने की तैयारी कर रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों को दिल्ली में प्रवेश देने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल की इजाजत देने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद। अब सरकार को जल्द से जल्द किसानों से बात कर कृषि बिल से जुड़े उनके मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने अधिकारिक तौर पर यह एलान कर दिया है कि किसानों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्हें निरंकारी समागम स्थल बुराड़ी तक आने की इजाजत है। उन्हें यही प्रदर्शन करना होगा। हालांकि पुलिस ने ये भी कहा है कि किसानों को इसके लिए संयम बरतना होगा और शांतिपूर्ण ढंग से पुलिस के साथ चलना होगा।
सिंघु बॉर्डर पर अचानक से अफरा-तफरी मच गई है और किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़नी शुरू कर दी। इसके बाद किसानों को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए हैं, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
दिल्ली कूच कर रहे किसानों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर हापुड़ रोड पर सीबीआई अकेडमी के सामने रोका। किसान राष्ट्रीय नेतृत्व के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
शुक्रवार को अमृतसर से जो किसान चले हैं वह शंभू बॉर्डर तक पहुंचे हैं और उन्हें रोकने के लिए अंबाला पुलिस ने गुरुवार की तरह की आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की है।
किसानों के आंदोलन के चलते दूल्हे समेत एक बरात को पैदल ही आगे जाना पड़ा। पुलिस ने दिल्ली की ओर जाने वाली तमाम सीमाओं को सील किया है जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
दिल्ली सरकार ने पुलिस की मांग ठुकराते हुए राजधानी के नौ स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदलने से इनकार कर दिया है। इन अस्थाई जेलों में प्रदर्शनरत किसानों को रखा जाना था।
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भी किसानों के आंदोलन के चलते लंबा जाम लग गया है। किसान सड़क घेरकर यमुना एक्सप्रेसवे पर बैठे हैं।
दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार से नौ स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने की जो अनुमति मांगी है उसे लेकर आप के कई नेता विरोध कर रहे हैं। पहले राघव चड्ढा ने और अब संजय सिंह ने केजरीवाल से गुजारिश की है कि वह दिल्ली पुलिस को ये इजाजत न दें। संजय सिंह ने ट्वीट किया, 'वाह मोदी जी क्या देश के अन्नदाता ने आपका पेट भरकर, वोट देकर इसी दिन के लिए देश का प्रधानमंत्री बनाया था कि आप उनके साथ जानवरों सा व्यवहार करें। मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करूंगा कि दिल्ली पुलिस की जेल बनाने की मांग ठुकरा कर, अन्नदाताओं का स्वागत करें।
योगेंद्र यादव ने बताया है कि संयुक्त किसान मोर्चा के दिल्ली चलो आंदोलन के तहत राजधानी कूच कर रहे किसानों ने शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है। इस खत में किसानों ने तीन मांगें की हैं-
(1) किसानों को बेरोक टोक दिल्ली जाने दिया जाए। सभी बैरिकेड हटाए जाएं, सड़कें खाली की जाएं और हमें शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जानें दें।
(2) रामलीला मैदान या अन्य कोई स्थान खाली कराकर किसानों को दिया जाए ताकि वहां पर वह प्रदर्शन कर सकें।
(3) सरकार सभी किसान प्रतिनिधियों से तत्काल बात करें।
आंसू गैस के गोले दागने के बाद पुलिस ने सिंघु बॉर्डर से 500 मीटर का क्षेत्र खाली करा लिया है। कुछ समय तो किसान पीछे ही बैठकर प्रदर्शन करते रहे लेकिन बाद में किसान आगे आने लगे।
सिंघु बॉर्डर पर किसानों के आगे बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे। ऐसे में पहले से पानी की बाल्टियों के साथ तैयार किसानों ने आंसू गैस के गोले उठाकर पानी में डालकर डिफ्यूज करने की कोशिश कर रहे हैं।
सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे किसानों से पुलिस बार-बार अपील कर रही है कि आप बैरिकेड से पीछे रहें और मूवमेंट न करें अगर आप हमारी बात नहीं मानते हैं तो आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग के तौर पर लगाए गए एक ट्रक को किसान अपने ट्रैक्टर से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। इसे हटाकर वह दिल्ली की ओर कूच करना चाहते हैं। नीचे देखें वीडियो...
दिल्ली की सीमाओं समेत नई दिल्ली जिले की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों को लगाया गया है। नई दिल्ली इलाके में भी किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। सिंघु, टिकरी और बहादुरगढ़ बॉर्डर पर ज्यादा दबाव पड़ने के चलते सीमा सील कर दी गई है। पुलिस ने दिल्ली-बहादुरगढ़ हाईवे के टिकरी बॉर्डर पर जमा किसानों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला आज सुबह हरियाणा में प्रदर्शनरत किसानों से मिलने गए और उन्हें कंबल बांटा, लेकिन किसानों ने नाराज होकर उसे फेंक दिया और उन्हें भी वापस जाने के लिए कहा। किसानों का कहना है कि वह किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं लेना चाहते हैं।
दिल्ली पुलिस ने किसानों के आंदोलन को देखते हुए दिल्ली सरकार से नौ स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने की अनुमति मांगी है। यह इजाजत इसलिए मांगी गई है क्योंकि कोरोना का समय है और जब किसानों को गिरफ्तार किया जाएगा तो उन्हें एक जगह नहीं रखा जा सकता, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाया जाएगा।
पंजाब से आए किसानों का एक समूह बहादुरगढ़ पहुंचा है और वहां से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।
किसानों के आंदोलन के चलते प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की है जिसके चलते अन्य राज्यों से दिल्ली आने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जम्मू से दिल्ली जा रही शिवांगी का कहना है कि मैं जम्मू से आ रही हूं और मुझे कल शाम को ही दिल्ली पहुंचना था लेकिन अब तक कोई अपडेट नहीं है।
पानीपत से दिल्ली की ओर बढ़ने से पहले सुबह किसानों ने भोजन तैयार किया और सभी ने खाया। एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा, चाहे कुछ भी हो जाए, हम दिल्ली जाकर रहेंगे। हम अपने परिवार और छह महीने के राशन के साथ यात्रा कर रहे हैं।
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर वाहनों की सघन चेकिंग के चलते लंबा जाम लग गया है। यहां किसानों के आंदोलन के चलते सीआईएसएफ की टीम भी तैनात की गई है और एक-एक वाहन की चेकिंग हो रही है।
रोहतक-झज्जर बॉर्डर पर भी किसान इकट्ठे होकर दिल्ली की ओर कूच करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के 'दिल्ली चलो' आंदोलन को देखते हुए सिंघू बॉर्डर (हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर) पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से गाड़ियों को सिंघु बॉर्डर की तरफ आने से रोक दिया गया है। किसानों को रोकने के लिए आज भी सुरक्षा बलों ने आंसू गैसे के गोलेे छोड़े।