गुरुओं की बेअदबी प्रकरण पर हुई सुनवाई, इस पेशी की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, सदन की गरिमा से समझौता नहीं होगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा परिसर में मंगलवार को विशेषाधिकार समिति की बैठक हुई, इसमें पंजाब सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारी समिति के सामने पेश हुए। पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) आलोक शेखर, डीजीपी गौरव यादव और जालंधर की पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर ने समिति के सामने अपना पक्ष रखा।
ये मामला 6 जनवरी को विधानसभा सदन के पटल पर उठे कथित बेअदबी प्रकरण से जुड़ा है। समिति इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। बैठक में समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह राजपूत सहित सदस्य अभय कुमार वर्मा, अजय कुमार महावर, नीरज बसोया, राम सिंह नेताजी, रवि कांत, सतीश उपाध्याय, सुरेंद्र कुमार और सूर्य प्रकाश खत्री मौजूद रहे। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि समिति मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे सदन के पटल पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी यह बताना मुश्किल है कि प्रक्रिया में कितना समय लगेगा। रिपोर्ट पेश होने के बाद सदन उसकी सिफारिशों पर चर्चा करेगा और अंतिम निर्णय अध्यक्ष द्वारा लिया जाएगा।
बिना दुर्भावना के निष्पक्ष होगी जांच : विजेंद्र गुप्ता
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सदन और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों के साथ किसी भी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं होगा। विधानसभा की गरिमा हर हाल में बनाए रखी जाएगी, क्योंकि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विशेषाधिकार का मतलब है कि विधायक बिना किसी बाहरी दबाव के अपनी बात रख सकें। अगर इन अधिकारों का उल्लंघन होता है तो यह गंभीर मामला माना जाता है। विजेंद्र गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि इस मामले में सभी कार्रवाई तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत होगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा की ओर से की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के पीछे कोई दुर्भावना नहीं है, बल्कि उद्देश्य केवल न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।