दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके के पीली कोठी स्थित एक झुग्गी के पास लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर लूटपाट के मामले में वांछित बदमाश को छुड़ा लिया। पथराव में सिपाही का सिर फट गया।
सादी वर्दी में बदमाश को पकड़ने गए हवलदार और सिपाही ने किसी तरह चौकी में घुसकर अपनी जान बचाई। हवलदार ने लाहौरी गेट थाने में दो महिला समेत पांच नामजद लोगों के मामला दर्ज कराया दिया है। फिलहाल पांचों नामजद आरोपी और पुलिस की पकड़ से भागा बदमाश फरार हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हवलदार संजीव कुमार पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन थाने में तैनात है। 7 अक्तूबर की रात संजीव, सिपाही मनोज के साथ सादी वर्दी में पुल मिठाई के पास गश्त कर रहा था। रात करीब 11:15 बजे संजीव को मुखबिर ने बताया कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन में लूटपाट का आरोपी विक्रम पीली कोठी स्थित झुग्गी में मौजूद है।
मुखबीर के इशारे पर मनोज ने मंदिर के पास से विक्रम को दबोच लिया। संजीव और मनोज, विक्रम से पूछताछ कर रहे थे, इसी दौरान झुग्गी से दो दर्जन से ज्यादा महिला और पुरुष बाहर आ गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। हवलदार और सिपाही ने अपना पहचान पत्र दिखाया और बताया कि विक्रम उसके थाने का वांछित बदमाश है।
संजीव के मुताबिक मौके पर मौजूद सुबोध नामक युवक ने विक्रम को छुड़ाने की कोशिश की। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों को को लात-घूसे मारना शुरू कर दिए। मौके का फायदा उठाकर विक्रम हाथ छुड़ाकर वहां से भागने लगा। संजीव और मनोज ने जब उसका पीछा किया तो दिव्या, दिलिया, जोगेंदर, सुबोध और लालू ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में एक पत्थर मनोज के सिर पर लगा और वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। किसी तरह मनोज को लेकर पुलिस चौकी में घुसा और अपनी जान बचाई। बाद में मनोज को लेकर उपचार के लिए अरुणा आसिफ अली अस्पताल पहुंचा। जहां पता चला कि पथराव में एक आठ साल की बच्ची भी जख्मी हो गई। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।