दिल्ली सरकार का उद्योग विभाग ज्ञान आधारित उद्योगों को दिल्ली की औद्योगिक सूची में शामिल करने का प्रस्ताव डीडीए को भेजेगा। मास्टर प्लान-2021 की उद्योग सूची में ज्ञान आधारित बायोटेक्नोलॉजी, आरएंडडी एवं डिजाइन, एजुकेशनल सर्विसेज, कौशल विकास और फार्मास्यूटिकल लैब शामिल नहीं है। इससे राजधानी में इन उद्योगों का संचालन अधिकृत तरीके से नहीं हो पाता है।
दिल्ली के उद्योग सचिव व डीएसआईआईडीसी के एमडी अमित यादव ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा ‘दिल्ली में कारोबार करना आसान बनाना’, विषय पर आयोजित राउंड टेबल चर्चा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डीडीए को उद्योग विभाग की तरफ से पहले भी प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मास्टर प्लान के अन्य बदलाव के साथ इसे उद्योग सूची में शामिल नहीं किया गया।
मास्टर प्लान के सख्त प्रावधानों के चलते तेजी से बढ़ने वाले ज्ञान आधारित उद्योग दिल्ली के बाहर विकसित हो रहे हैं। यहां ऐसे उपक्रमों को अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि डीडीए ने एक बार अनुमति दे दी थी, लेकिन फिर पूर्व सरकार में मामला सुना नहीं गया। अब डीडीए के उपाध्यक्ष से बातचीत हो चुकी है। चर्चा में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक बी.श्रीराम, दिल्ली और एनसीआर कमेटी के चेयरमैन रजनीश गोयनका, प्रदीप मुलतानी भी शामिल हुए। इस मौके पर पूर्वी दिल्ली की मेयर मीनाक्षी और दक्षिण दिल्ली के मेयर खुशी राम भी मौजूद थे।
औद्योगिक क्षेत्रों से अवशिष्ट उठाने की एजेंसी तय होगी
उद्योग सचिव अमित यादव ने कहा है कि सभी औद्योगिक क्षेत्रों में अवशिष्ट पदार्थ उठाने और गंदगी की सफाई के लिए मार्च, 2015 तक एजेंसी तय हो जाएगी। स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में साफ सफाई रहेगी।
लाइसेंस की प्रक्रिया आसान करकेजल्दी लाइसेंस दें
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने राउंड टेबल चर्चा में कहा है कि तीनों एमसीडी व्यापार लाइसेंस देने में देरी न करें। इस काम को 15 दिनों की तय समय सीमा के तहत ही पूरा किया जाए। लाइसेंस मांगने वालों को एमसीडी अधिकारियों के समक्ष शपथपत्र पेश करना होता है।