महासंघ ने मंत्रालय के निर्देशों का हवाला देकर नियमित भर्ती की मांग की, नोरसेट के जरिए पद भरने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय सरकारी नर्स महासंघ ने नजफगढ़ स्थित नव-स्थापित आरएचटीसी अस्पताल में नर्सिंग अधिकारियों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। महासंघ ने अस्पताल प्रशासन से इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेकर सभी रिक्त पदों को नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (नोरसेट) के माध्यम से नियमित भर्ती से भरने की मांग की है।
महासंघ की महासचिव अनीता पंवार और अध्यक्ष रिंकी डांग ने अस्पताल के निदेशक को भेजे पत्र में कहा है कि नर्सिंग अधिकारियों की आउटसोर्सिंग केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की नीति के विरुद्ध है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि मंत्रालय ने 30 मई को जारी कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केंद्रीय सरकारी अस्पतालों और उनसे संबद्ध संस्थानों में नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के जरिए नहीं की जाएगी। सभी भर्तियां केवल नोरसेट के माध्यम से नियमित आधार पर की जानी चाहिए।
महासंघ का कहना है कि सरकार की यह नीति मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, सेवा गुणवत्ता बनाए रखने, पेशेवर जवाबदेही सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है। ऐसे में आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती करना मंत्रालय के निर्देशों और नीति की भावना के विपरीत होगा।
पत्र में आरएचटीसी अस्पताल की नर्सिंग आवश्यकताओं का आकलन कर नियमित पदों पर भर्ती करने की मांग की गई है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था से न केवल नर्सिंग कर्मियों के हित प्रभावित होंगे, बल्कि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। संगठन ने मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के पालन और नियमित भर्ती के माध्यम से स्थायी व गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग सेवाएं सुनिश्चित करने की अपील की है।