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सस्ती चाहिए बिजली तो ऐसा करना होगा

Sat, 22 Feb 2014 12:34 PM IST
अमर उजाला, नोएडा
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नोएडा में सस्ती बिजली, निजीकरण पर रोक और भर्ती की मांग को लेकर नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया।
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इसमें केंद्र और राज्य सरकार को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। सस्ती बिजली के लिए एक स्वर में निजी क्षेत्र का दामन छोड़कर सरकारी परियोजनाओं को बढ़ावा देने की बात कही गई।

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उत्तर प्रदेश के चार जिलों में निजीकरण की कार्यवाही प्रदेश सरकार कर रही है। इसका लंबे समय से विरोध किया जा रहा है। फरवरी महीने में दो बार प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन हो चुका है। प्रदेश के सभी पदाधिकारी ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के महासचिव शैलेंद्र दुबे की अगुवाई में जंतर-मंतर पहुंचे।
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शैलेंद्र दुबे ने बताया कि धरने का नेतृत्व एबी बर्धन ने किया। इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की पुनर्समीक्षा करने की मांग रखी गई। वहीं, निजीकरण फ्रेंचाइजी की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग रखी गई और घाटा बढ़ाने वाली फ्रेंचाइजी से करार निस्तर करने की सिफारिश हुई।

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फेडरेशन के संयोजक डीके जैन ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की परियोजनाओं को बढ़ावा देकर निजी क्षेत्रों पर अंकुश लगाया जाए, जिससे सस्ती बिजली मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। खाली पदों पर तुरंत भर्ती की जाए और ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करें। निजी क्षेत्र की सभी कंपनियों को ऑडिट करवाने की मांग भी की गई।

एक अप्रैल से नेचुरल गैस की कीमत बढ़ाई जा रही है, जिससे रिलायंस कंपनी को 15 हजार करोड़ रुपये का सालाना लाभ होगा और उपभोक्ताओं पर दो रुपये प्रति यूनिट का भार पड़ेगा। इस दौरान पदमजीत सिंह, प्रशांत चौधरी, सुभाष लांबा, चक्रधर प्रसाद सिंह, अशोक कुमार, आरके शर्मा, एके जैन, सत्यपाल, महेश चंद्र, यशपाल शर्मा, बीएन शर्मा, एके आत्रे ने अपनी बातें रखीं।
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