एनआरएचएम घोटाले के आरोप में डासना जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की हालत बिगड़ गई है। कुछ दूर चलने पर ही कुशवाहा के पैर जाम हो जाते हैं। इसके अलावा हाथों की पकड़ भी ढीली हो गई है।
शौच क्रिया में परेशानी के अलावा गर्दन में अकड़न और सीने में दर्द की भी शिकायत है। मेरठ मेडिकल कालेज के अस्थि रोग विशेषज्ञ ने कुशवाहा को चार सप्ताह बेड रेस्ट करने की सलाह दी है।
डासना जेल अधीक्षक डा. वीरेशराज शर्मा के अनुसार बंदी कुशवाहा ने शौच क्रिया में परेशानी होने के अलावा यह शिकायत की थी कि उसके पैरों का निचला हिस्सा कभी-कभी सुन्न हो जाता है।
जेल में ठहलने के दौरान ही पैर जाम होने और हाथों की पकड़ ढीली होने की भी उसने शिकायत की थी। कुशवाहा ने यह भी बताया था कि उसकी गर्दन और सीने में दर्द रहता है।
इसी के चलते 19 फरवरी को पूर्व कैबिनेट मंत्री की जांच मेरठ कालेज मेरठ में कराई गई। अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ ने कुशवाहा को दवा के साथ-साथ 4 सप्ताह बेड रेस्ट की सलाह दी है। जेल अधीक्षक ने 19 मार्च तक कुशवाहा को पेशी से अवमुक्त करने की मांग एक सीबीआई विशेष कोर्ट से की है।
घोटाले के चार मामलों में पेश हुए रामशरण वर्मा
एनआरएचएम घोटाले में फंसे डाक्टर रामशरण वर्मा व अन्य आरोपी शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट में पेश हुए। न्यायाधीश की नियुक्ति न होने से चारों ही मामलों की सुनवाई 12 मार्च तक के लिए टाल दी गई।