मांडीखेड़ा में बनने वाले बूचड़खाना के विरोध में शुक्रवार को आर्यवेद प्रचार मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्त की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार शेरसिंह को सौंपा।
इस मौके पर आर्य वेद प्रचार मंडल मेवात के प्रधान पदमचंद आर्य, महामंत्री ज्ञानचंद आर्य, आर्य समाज पुन्हाना के संरक्षक सुरेंद्र कुमार आर्य, दया मुनि, धर्मसिंह आर्य गुरुकुल एवं गौशाला उपाध्यक्ष भादस, अमरचंद आर्य, वेदप्रकाश, मनोज कुमार, अमरचंद आर्य मरोडा, सुरेशचंद आर्य, रमशेचंद शर्मा, नरेंद्र पटेल ने कहा कि मांडीखेडा (हरनौल) में बूचड़खाना खोला जा रहा है।
जो करीब 8 एकड़ में बनाया जाना है। आर्यसमाज के लोगों ने आरोप लगाया कि मेवात में बूचडखाने की आड़ में गोकशी की जाती है। यहां प्राय: बूचडखाने का लाइसेंस लेकर अवैध रुप से गाय काटी जाती हैं। इसके अलावा बूचडखाने से यहां का वातावरण दूषित हो जाएगा और मेवात में लंबे समय से कायम आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचेगा।
लोगों के स्वास्थ्य पर असर पडे़गा। उन्होंने कहा कि इस बूचड़खाने का मेवात की 36 बिरादरी के लोग विरोध करते हैं। मेवात के मुस्लिम भी इसका विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इस बूचड़खाने की स्वीकृति को तुरंत रद्द किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो मेवात का आर्यवेद प्रचार मंडल विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन करेगा।