शालीमार गार्डन स्थित एक निजी स्कूल ने एक छात्रा को उसकी विकलांगता के चलते स्कूल से निकालने का फरमान सुना दिया। परेशान अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन को प्रार्थना पत्र देकर बेटी को स्कूल से नहीं निकालने की गुहार लगाई है।
पिता के मुताबिक, स्कूल का कहना है कि उनकी विकलांग बेटी की वजह से अन्य छात्रों को परेशानी हो रही है। उधर, स्कूल प्रबंधन से बात की तो उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
शालीमार गार्डन में स्थित एक निजी स्कूल की 11वीं कक्षा में भूमिका पढ़ती है। उसे चलने में परेशानी है। उसके पिता अजय राघव ने बताया कि बेटी नर्सरी से इसी स्कूल में पढ़ रही है।
अभी तक कक्षाएं भूतल पर थीं लेकिन हाल में कक्षाओं को तृतीय तल पर शिफ्ट कर दिया गया। तब इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से बात कर बेटी के लिए कक्षाएं भूतल पर रखने की मांग की गई।
स्कूल का कहना था कि बसों में भी भूमिका की वजह से अन्य छात्र-छात्राओं को परेशानी होती है। उसे चढ़ाने और उतारने में समय लगता है।
इसके साथ ही प्रबंधन ने भूमिका को स्कूल से निकाले जाने का फरमान सुना दिया। हालांकि अमर उजाला से बात करते हुए स्कूल प्रबंधन ने इस तरह के किसी भी मामले से इनकार किया।
प्रिंसिपल ने नकारे आरोप
प्रधानाचार्य ने बताया कि ये बात उनके संज्ञान में नहीं है। बेबुनियाद आरोप है। उन्होंने कहा कि छात्रा उनके स्कूल में ही पढ़ती है लेकिन उनकी ओर से छात्रा को निकालने के संबंध में कभी नहीं कहा गया है।