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किसी की संपत्ति, टैक्स जमा करें कोई और 

Tue, 29 Mar 2016 09:34 AM IST
जितेंद्र राठी/अमर उजाला, गुड़गांव
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टैक्स - फोटो : Demo
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प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है, लेकिन यह टैक्स जमा करना इन दिनों आमजन के लिए मुसीबत बना हुआ है। लोगों को निगम कार्यालय में टैक्स जमा करने के लिए बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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किसका टैक्स पहले से निगम में जमा है और किसका बकाया है, यह ऊहापोह लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। निगम की ओर से मिले नोटिस को लेकर लोग इन दिनों निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं।

वहीं निगम कार्यालय में भी उन्हें इस बारे में समझाने वाला कोई नहीं दिख रहा है। घंटों लाइन में लगने के बाद जब उनकी बारी आती है तो बताया जाता है कि उनका तो बकाया है ही नहीं।
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निगम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए टैक्स जमा करने वाली खिड़कियां भी छोटी पड़ रही हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान करने के लिए कोई नहीं है। इन्हीं समस्याओं से रूबरू हो रहे लोगों से अमर उजाला ने जब बातचीत की लोगों ने परेशानी बयां की। पेश है लाइव रिपोर्ट...

शहर के पुराने कार्यालय में चारों ओर भीड़ का माहौल है। निगम कार्यालय में जगह-जगह लाइनें लगी हुई हैं। सभी टैक्स जमा करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। कुछ महिलाओं और पुरुषों के हाथ में नोटिस है। 

वह एक-दूसरे से टैक्स के बारे में चर्चा कर रहे हैं, लेकिन दूसरों को भी टैक्स का फंडा समझ नहीं आ रहा। फिर महिला बोलती है कि यहां किससे पूछें कि किस आधार पर यह नोटिस भेजा गया।

वह पहले ही अपना टैक्स जमा कर चुकी है। किससे पूछें, किसे अपनी परेशानी बताएं। यहां कोई निर्देश भी नहीं लिखा है। लाइन काफी लंबी लगी गई हुई है।

जब तक नंबर आएगा, तब तक काफी देर हो जाएगी। अव्यवस्था का आलम यह है कि कुछ लोगों के नाम दूसरे की संपत्ति कर का भी नोटिस भेजा गया है।

41361 रुपये का टैक्स नोटिस भेजा गया है। सभी टैक्स पहले से भर रखे हैं। कई बार निगम में अपील की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 12 मार्च से कार्यालय के चक्कर लगा रहा हूं। पड़ोसी का 140 वर्ग गज का प्लॉट है, उसका टैक्स भी मेरे नाम पर भेजा गया है। 
-कृष्ण कुमार, ओम नगर

मेरा 70 गज का मकान है। 13 हजार रुपये टैक्स का नोटिस भेजा गया है। समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे उनका इतना टैक्स बनाया गया है। यहां न तो कोई समझाने वाला है और न ही बताने वाला। टैक्स जमा करने के लिए लंबी लाइन लगी है। हर तरफ मारामारी है। 
-अनुराधा, हरिनगर

पिछले सभी टैक्स भरे हैं। मेरे पास सभी रसीदें भी हैं। मेरे मकान का 114 गज में बना है, जबकि नोटिस में 134 गज दिखाया है। इसका 3558 रुपये टैक्स भेजा गया है। इस बारे में न यहां कोई कुछ बताने वाला है, न ही टैक्स जमा करने के लिए पर्याप्त खिड़की बनाई गई हैं। 
-कैलाश गुप्ता, ओमनगर 

100 गज में मकान है। पहले बिल भरा जा चुका है। फिर भी एक लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स भेजा गया है। टैक्स समाधान के लिए पिछले तीन दिन से निगम कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूं। सुबह से चार घंटे से लाइन में लगा हूं। समय पर टैक्स जमा न हुआ तो ब्याज भरना पड़ेगा। 
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-मंदीप, संजय ग्राम
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