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घंटी बजाने पर आदमी से पहले निकलते हैं कुत्ते

Sat, 04 Oct 2014 10:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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विधानसभा चुनाव में पढ़े-लिखों की बस्ती में मतदाता पहचान पत्र बांटने के दौरान बीएलओ को पसीने छूट रहे हैं। आलम यह है कि एक ग्रुप हाउसिंग सोसयटी में ही उनका पूरा दिन निकल रहा है।
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बादशाहपुर और गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र में पॉश इलाके में रहने वालों को मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध करान और उनके मत का प्रयोग कराना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। जिला प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी पॉश इलाके में मतदान करने के लिए लोग बाहर ही नहीं निकलते हैं।

जिला निर्वाचन कार्यालय ने जिन नए लोगों का मतदाता पहचान पत्र तैयार किया है। उसे बांटने वाले बीएलओ परेशान हैं। उनकी ओर से जिला निर्वाचन कार्यालय में दी जाने वाली दलील के आगे उनके वरिष्ठ भी चुप हो जाते हैं। आमतौर पर जिनका मतदाता पहचान पत्र होता है वह बाहर रहते हैं। उनके मकान में कोई किराएदार मिलता है।
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अगर किसी का पहचान पत्र पड़ोसी को दे दिया तो उल्टी शिकायत की उनके मतदाता पहचान पत्र का गलत उपयोग हो सकता है। बड़ी-बड़ी कोठी में रहने वालों को पड़ोसी के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है।

एक बीएलओ की माने तो इस पहचान पत्र का उपयोग उनके लिए केवल कार का रजिस्ट्रेशन कराने भर का है। मतदाता पहचान पत्र से उनके पासपोर्ट तो बन जाएगें मगर उनको वोट देने के लिए बाहर निकलना भारी पड़ता है। जिला निर्वाचन कार्यालय के तहसीलदार नरेश सैनी कहते हैं कि पॉश इलाके में जाने वाले बीएलओ सबसे ज्यादा परेशान हैं।

किस तरह की आती है समस्या...

: पड़ोसी को पड़ोसी के बारे में नहीं होता है पता
: ज्यादातर मकानों में मिलते हैं किराएदार
: पड़ोसी के पास कार्ड छोड़ कर जाने का करते हैं विरोध
: कोई एक व्यक्ति पंच, सरपंच व पार्षद की तरह जिम्मेवारी लेने को तैयार नहीं
इसे भी जाने...

: पॉश इलाके में इस बार 50 हजार से अधिक मतदात बढ़े हैं। जिनके कार्ड लोकसभा से लेकर अब तक रए जाने हैं।
: 150 से अधिक  अपार्टमेंट हैं।
: सुरक्षा गार्ड बीएलओ को पहले आरडब्ल्यूए से अनुमति लेने की करती है बात

सबसे ज्यादा फोन पॉश इलाके से आते हैं

जिला निर्वाचन कार्यालय में आज कल आने वाले फोन में सबसे ज्यादा फोन डीएलएफ, पालम विहार, साउथ सिटी व बादशाहपुर के नए अपार्टमेंट में बसने वालों को है। उनका कहना होता है कि बीएलओ कब आएगा। घर बंद रहेगा तो कभी बीएलओ के पड़ोसी को कार्ड देने पर धमकाते हैं।

यहां जनसभा करने के लिए नेताओं को भी तलाशना पड़ता है जुगाड़

पॉश इलाके में मतदाताओं के बीच सीधे पहुंचने के लिए विधानसभा उम्मीदवार भी परेशान है। गली व कालोनी की तरह वह सीधे किसी के चरणों में लोट नहीं पाते हैं। ऐसे में वह अपने किसी जानकार के माध्यम से लोगों को पटा कर वह अपनी सभा या संपर्क मिलन का प्रोग्राम बनाते हैं। नेताओं की ओर से पूरी सावधानी भी बरती जाती है। कारण नेता जी की कौन सी गलती उनको रिजेक्ट करा दे।
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