आर्थिक अपराध शाखा को हाईकोर्ट ने दिया आदेश
- परिवार ने दलील दी कि उन्होंने विभाग को दो निवेदन दिए थे, पहला 21 मार्च 2023 को जिसमें अधिकारियों से आभूषणों का निपटान न करने का अनुरोध किया गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर जाली सीमा शुल्क टिकटों के आरोपों की जांच करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति शैल जैन की पीठ ने एक परिवार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। उनके सोने के आभूषण दुबई में एक शादी से लौटते समय जब्त कर लिए गए थे। परिवार ने दलील दी कि उन्होंने विभाग को दो निवेदन दिए थे। पहला 21 मार्च 2023 को जिसमें अधिकारियों से आभूषणों का निपटान न करने का अनुरोध किया गया था और दूसरा 19 जुलाई 2023 को जिसमें उन्हें छुड़ाने की मांग की गई थी। बाद में उन्हें बताया गया कि आभूषणों का निपटान 15 मई 2023 को कर दिया गया।
विभाग का कहना था कि दोनों दस्तावेजों पर नकली सीमा शुल्क मुहरें लगी थीं। हालांकि, परिवार ने इस दावे का विरोध किया। उनका तर्क था कि सीमा शुल्क काउंटर हवाई अड्डे के अंदर है, इसलिए यात्रियों को सीधे अपनी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा नहीं है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यात्रियों को अक्सर अपने दस्तावेज़ कर्मचारियों को सौंपने के लिए मजबूर किया जाता है, जो उन्हें मुहर लगाकर लौटा देते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी उन्होंने यही तरीका अपनाया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्देश दिया कि ईओडब्ल्यू द्वारा इंदिरा गांधी आईजीआई स्थित सीमा शुल्क विभाग में एक जांच की जाए। न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को मूल आवेदन ईओडब्ल्यू को प्रस्तुत करना होगा, जो पूरी जांच कर न्यायालय के समक्ष एक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।