-जनवरी 2021 से दिसंबर 2024 के बीच दिल्ली-एनसीआर के चुनिंदा अस्पतालों और मेडिकल सेंटरों में हेल्थ चेकअप कराने वाले 56 हजार से अधिक वय, के रिकॉर्ड का अध्ययन किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में 56 हजार से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड के अध्ययन में चौंकाने वाली बात सामने आई है। करीब पांच फीसदी वयस्कों में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) दोनों पाए गए। खास बात यह है कि 40 साल की उम्र के बाद इन दोनों बीमारियों के एक साथ होने का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। यह खुसाला एक निजी अस्पताल के क्लिनिकल रिसर्च एंड प्रिवेंटिव हेल्थ प्रोग्राम की ओर से किए गए शोध में हुआ। इसमें जनवरी 2021 से दिसंबर 2024 के बीच दिल्ली-एनसीआर के चुनिंदा अस्पतालों और मेडिकल सेंटरों में हेल्थ चेकअप कराने वाले 56 हजार से अधिक वयस्कों के रिकॉर्ड का अध्ययन किया गया।
क्लिनिकल रिसर्च एंड रिव्यूज में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, डायबिटीज और हाई बीपी का एक साथ होना उम्मीद से करीब दोगुना ज्यादा पाया गया। यह बढ़ोतरी करीब 58 साल की उम्र तक जारी रही और 70 साल की उम्र तक दोनों बीमारियों का एक साथ होना करीब 17 फीसदी तक पहुंच गया। शोध में यह भी सामने आया कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हाई बीपी होने की संभावना बिना डायबिटीज वाले लोगों के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा थी। वहीं, हाई बीपी वाले लोगों में डायबिटीज होने की संभावना करीब ढाई गुना अधिक पाई गई।
अस्पताल के बायोस्टैटिस्टिक्स कंसल्टेंट डॉ. अभय इंद्रायन ने कहा कि अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि 40 साल की उम्र के आसपास डायबिटीज और हाई बीपी दोनों की एक साथ जांच शुरू करना अहम है। इससे बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाकर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है।