तिहाड़ जेल में बदमाश और गैंगबाज कैदियों के सामने तिहाड़-प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं। कैदियों की गुटबाजी और लगातार हो रहे हंगामे के बाद तिहाड़-प्रशासन ने एक गैंग में शामिल सभी कैदियों को एक ही जेल में रखने का निर्णय लिया है।
तिहाड़-प्रशासन का मानना है कि एक गैंग में शामिल सभी कैदियों को यदि एक जेल में रखा जाए तो कैदियों का बवाल नहीं होगा। लेकिन तिहाड़-प्रशासन के इस कदम से जेल के सुरक्षाकर्मियों में नाराजगी है।
सुरक्षाकर्मियों को लगता है प्रशासन के इस फैसले से जेल में सुरक्षाकर्मियों से ज्यादा गैंगबाज कैदियों की मनमानी चलेगी। अब देखना है कि तिहाड़-प्रशासन के इस कदम से जेल में उत्पात रुकता है या और बढ़ता है।
पिछले एक महीने में हो चुकी हैं कई वारदातें
पिछले एक माह में तिहाड़ जेल में तीन कैदियों की हत्या, दो कैदियों की संदिग्ध मौत, एक हेड वार्डर की पिटाई और पिछले रविवार को जेल संख्या चार में कैदियों के जबरदस्त उत्पात के बाद तिहाड़-प्रशासन ने एक अजीबोगरीब फैसला लिया है।
तिहाड़ जेल में इस समय करीब एक दर्जन गिरोह के कैदी अलग-अलग मामलो में तिहाड़ जेल बंद हैं। गिरोह के सदस्य अलग-अलग जेलों में बंद हैं।
गिरोह में शामिल कैदी एक साथ एक ही जेल में रहना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन ऐसा नहीं चाहता था। लेकिन कैदी अपनी बात मनवाने के लिए बार-बार बवाल करते हैं ताकि सजा के तौर पर उनका उस जेल में ट्रांसफर कर दिया जाए।
दूसरे जेलों में जाने के लिए होता है हंगामा
हंगामे के बाद जब कैदियों से पूछताछ की जाती है तब कई बार कैदियों ने इस बात का खुलासा किया है कि दूसरे जेल में जाने के लिए इस तरह का हंगामा किया गया था।
पिछले दिनों जेल में हुए हंगामे के बाद भी इस तरह की बात कैदियों से पूछताछ में सामने आई थी। जबकि दिसंबर-2014 में कैदियों की गुटबाजी और गिरोह के सदस्यों को अलग करने के लिए नाम के पहले अक्षर के अनुसार जेल संख्या तय की गई थी और कैदियों को एक जेल से दूसरे जेल में स्थानांतरण किया गया था।
तिहाड़-प्रशासन के इस फैसले से कैदियों में काफी आक्रोष था। लेकिन नए फैसले से जेलकर्मियों में रोष है।
एक जेल में रहेंगे तो कैसे संभलेगी जेल
जेल कर्मियों का कहना है कि एक-एग गैं में 20 से 30 लोग शामिल हैं। यदि एक जेल में एक गैंग के इतने लोग रहेंगे तो उनकी मनमानी चलेगी। सभी कैदियों को को एक साथ संभालना और मुश्किल होगा।
गैंगबाज कैदियों को एक साथ रखने का निर्णय लिया गया है, लेकिन इन पर विशेष नजर रखी जाएगी। जो कैदी ज्यादा उत्पाती होंगे अथवा जिनकी शिकायत मिलेगी उस कैदी को अलग रखा जाएगा।
ऐसा नहीं है कि कैदियों को गुजबाजी के लिए एक जेल में लाया जा रहा है। कैदी एक साथ रहने के लिए कई बार जेल में ब्लेडबाजी और दूसरी वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है-मुकेश प्रसाद, डिप्टी इंस्पेक्टर जेनरल, तिहाड़।