अदालत ने किरायेदार महिला से रेप का प्रयास करने के आरोप में मकान मालिक को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि सभी साक्ष्य देखने के बाद वे महसूस करते हैं कि पूरा मामला छलपूर्ण है और महिला के बयान भी विश्वसनीयता पूर्ण नहीं है।
ऐसे में आरोपी बरी होने का हकदार है। द्वारका अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेन्द्र भट्ट ने अपने फैसले में कहा कि बयानों के दौरान महिला अपना बयान बार-बार बदलती रही है ऐसे में उसके बयानों को भरोसेमंद व विश्वसनीय नहीं माना जा सकता।
अदालत ने कहा कि महिला पर विश्वास करना आपराधिक कानून के सिद्धांतों के खिलाफ होगा।