हरी सब्जियों की महंगाई सर्दियों में भी गर्माहट दे रही है। पिछले कई दिनों से सब्जियों के भाव नहीं गिर रहे है। नई खेप की आलू भी पहुंच से बाहर हो रही है। कई इलाकों में तो आलू की कीमत 30 रुपये प्रतिकिलो से भी अधिक बिक रही है।
हालांकि मटर के भाव में गिरावट दर्ज की जा रही है। सब्जियों की महंगाई में लगी आग ठंडी नहीं हो रही है। आलू, टमाटर, प्याज के भाव तो आसमां छू रहे है। इसी तरह सरसों-पालक साग, मेथी का पत्ता भी 30 रुपये प्रतिकिलो से अधिक खुदरा बाजार में मिल रहा है।
बैंगन व सेम भी 40-50 रुपये प्रतिकिलो खुदरा बाजार में बिक रहा है। ऐसे में आम आदमी की थाली से इन दिनों हरी सब्जियां गायब सी हो गई है। थोक बाजार में तो भाव थोड़े-बहुत अंतर के साथ जस के तस बने हुए है, लेकिन खुदरा व्यापारी अपने भाव कम करने को तैयार नहीं है।