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बीमार पड़ने पर अगर न मिले हेल्थ पेंशन का लाभ तो अपनाएं इनके जैसा तरीका

Sun, 03 Dec 2017 09:43 AM IST
अरुण कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एमसीडी के पूर्व कर्मी को नहीं दिया था लाईफ हैल्थ पेंशन स्कीम का पूरा लाभ 
सेवा में कमी के लिए दिल्ली नगर निगम दोषी, फोरम ने ठोका जुर्माना
- एमसीडी के पूर्व कर्मी को नहीं दिया था लाईफ हैल्थ पेंशन स्कीम का पूरा लाभ 
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सांकेतिक चित्र
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विस्तार
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उपभोक्ता फोरम ने बीमारी की हालत में कर्मचारी को म्युनिसिपल पेंशनर हैल्थ स्कीम का लाभ न देने के लिए दिल्ली नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। फोरम ने कहा इलाज में भारी खर्च के चलते बीमार कर्मचारी को सरकारी लाभ न देने की स्थिति में पीड़ित मुआवजे का हकदार है।
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फोरम ने पीड़ित की शिकायत पर दिल्ली नगर निगम को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 40 हजार रुपए जुर्माना देने के आदेश दिए हैं। रामपुरा निवासी याची ओमप्रकाश गुप्ता ने फोरम को बताया कि वह पूर्व दिल्ली नगर निगम कर्मी और हेड पोस्ट मास्टर के पद से सेवा निवृत हैं।

वह दिल्ली नगर निगम की म्युनिसिपल पेंशन हैल्थ स्कीम के लाईफ मैम्बर हैं। 2007 में वह बीपीएच और एक अन्य बीमारी की चपेट में आ गए। इसके बाद जीटीबी अस्पताल में उनकी जांच हुई और उसके बाद एक निजी अस्पताल में 24 अक्टूबर 2007 को उनका ऑपरेशन हुआ, जिसके बाद 30 अक्टूबर तक वह अस्पताल में रहे।
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मुआवजे सहित ईलाज कराने का आदेश

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और 27 दिसम्बर को उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। एमसीडी के पैनल के तहत आने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान उन्हें 54 हजार, 948 रुपए का भुगतान करना पड़ा।

जिसमें से 10 हजार 747 रुपए का भुगतान एमसीडी द्वारा भुगतान कर दिया गया, लेकिन बाकि की रकम का एमसीडी ने भुगतान नहीं किया। उन्होंने कहा कि एमसीडी की हैल्थ स्कीम का लाथ का हकदार होने पर भी उसे उचित सुविधा नहीं मिली। ऐसे में उसे मुआवजे सहित ईलाज दिलवाया जाए।

इस मामले की सुनवाई के बाद फोरम ने दिल्ली नगर निगम को सेवा में कमी का दोषी पाते हुए 34 हजार जुर्माना 6 प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। साथ ही 7 हजार रुपए रुपए बतौर मानसिक प्रताडना के तौर पर देने का आदेश दिया है।
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