दिल्ली सरकार ने राजधानी की मंडियों को नए सिरे से साफ-सुथरा और आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए बड़े पैमाने पर पैसा खर्च करने की तैयारी है। जरूरत पड़ने पर मंडियों का दिल्ली के बाहरी इलाकों में विस्तार भी किया जाएगा। सरकार जमीन और पूरे संसाधन उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंडियों की साफ-सफाई, कूड़ा निपटान, सड़क, सुरक्षा, सीवर और पेयजल की समस्याओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास मंत्री कपिल मिश्रा और वरिष्ठ अधिकारियों को मंडियों के लिए फंड, जमीन या संसाधन उपलब्ध करवाने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादपुर मंडी के दौरे पर उन्हें जगह-जगह कूड़ा पड़े होने, लावारिस पशु और खराब सड़कों की शिकायतें मिली हैं। दिल्ली की ज्यादातर मंडियां ऐसी ही समस्याओं से जूझ रही हैं। मंडियों में दुकानदारों, किसानों और ग्राहकों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। कूड़े के निपटान के लिए मंडियों के पास ही आधुनिक वेस्ट प्लांट लगेंगे और लावारिस जानवरों पर अंकुश लगाने के लिए एमसीडी की मदद ली जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को पुरानी सीवर लाइनों की मरम्मत, जलभराव और दुर्गंध रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी, जल बोर्ड व एमसीडी के साथ बेहतर तालमेल बनाने के लिए कहा। मंडियों में प्राथमिक चिकित्सा, सीसीटीवी से निगरानी और पेयजल व्यवस्था को भी दुरुस्त करने का फैसला लिया गया।
अन्य मडियों का होगा अध्ययन
मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों की आधुनिक मंडियों के मॉडल अपनाने और तकनीकी समाधानों पर काम करने के लिए अधिकारियों को कहा। मंडियां किसानों, व्यापारियों और ग्राहकों के लिए सुविधाजनक होंगी। इसकी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए वे खुद औचक निरीक्षण करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मंडियों को न सिर्फ व्यापारिक केंद्र बनाना चाहती है बल्कि दिल्ली और आसपास के किसानों की आजीविका का मजबूत आधार भी बनाना चाहती है।