फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ई-सिगरेट को नियमन में लाने की तैयारी, बैकफुट पर दिल्ली सरकार

Fri, 26 Jul 2019 07:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
E-CIGARETTE
विज्ञापन

सालभर पहले तक ई-सिगरेट और उससे जुड़े उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का वादा करने वाली दिल्ली सरकार अब बैकफुट पर है। अब आने वाले दिनों में इन उत्पादों को नियमन (रेगुलराइजेशन) के दायरे में ला रही है। 

विज्ञापन


दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजीव खैरवार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि नियमन के दायरे में लाने पर काम चल रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन मामले की सुनवाई में ये जानकारी भी दी जाएगी, जबकि इसी मामले की सुनवाई में पिछले वर्ष दिल्ली सरकार ने इन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का एफिडेविट सौंपा था। 

ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर महज सालभर के अंदर दिल्ली सरकार इस मामले में बैकफुट पर क्यों आ गई। बहरहाल इस मामले पर कोई भी स्पष्ट जानकारी देने को तैयार नहीं है। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि कहीं दिल्ली सरकार भी करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली कंपनियों के दबाव में तो नहीं।
विज्ञापन


दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट में पिछले वर्ष सरकार की ओर से ये जानकारी दी गई थी कि ई-सिगरेट और उससे जुड़े उत्पादों पर जल्द ही प्रतिबंध लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है, लेकिन जब एक वर्ष तक कुछ भी बदलाव नहीं दिखा तो कोर्ट ने फटकार लगाते हुए हाल ही में जवाब तलब किया था। इसके बाद अब सरकार इन पर प्रतिबंध नहीं, बल्कि इन्हें नियमन के दायरे में लाने के पक्ष में दिखाई दे रही है।

14 राज्यों में प्रतिबंध, दिल्ली में क्यों नहीं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ई-सिगरेट और उससे जुड़े उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में भारत सरकार लगातार पैरवी करती आ रही है, इसलिए बीते दिनों देश के सभी राज्यों को पत्र लिखकर प्रतिबंध की अपील भी की गई थी, जिसके बाद यूपी, बिहार, तमिलनाडु, केरल और पंजाब सहित 14 राज्यों में इन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। फिर दिल्ली में प्रतिबंध लगाने से सरकार क्यों बैकफुट पर है।

गैर-जिम्मेदार है दिल्ली सरकार: विजेंद्र गुप्ता
ई-सिगरेट और उससे जुड़े उत्पादों को लेकर दिल्ली सरकार के दोहरे रूप को लेकर दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सवाल खड़े किए हैं। गुप्ता का कहना है कि ई-सिगरेट सीधे तौर पर स्कूली बच्चों और युवा पीढ़ी से जुड़ा मुद्दा है। 

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी कई बार इस पर गंभीर चर्चा कर चुके हैं। जब केंद्र सरकार की अपील पर देश के 14 राज्य इस पर प्रतिबंध लगा चुके हैं, तो पहले लगाएंगे अब नहीं लगाएंगे ये कैसा व्यवहार है। 

विजेंद्र गुप्ता ने ये भी कहा कि इससे दिल्ली सरकार का गैर-जिम्मेदाराना रवैया जाहिर हो रहा है। सरकार को जल्द से जल्द इन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। भाजपा इस मामले में पूरी तरह से जनता के साथ खड़ी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें