मेवात में स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है। शहीद हसन खॉ मेवाती मेडीकल कालेज नल्हड़ से शनिवार को दोपहर बाद एक बुरी खबर आई।
मेडीकल कालेज के चिकित्सकों ने जिले के नगीना खंड के गांव उमरी की एक गर्भवती महिला को स्टचेर पर लाकर पटक दिया। उसका पति चिकित्सकों से उसे दिल्ली नहीं भेजने की गुहार लगा रहा था मगर चिकित्सकों के दिल्ली में उसकी गर्भवती पत्नी की हालत पर रहम नहीं आ रहा था।
इस महिला अरसीना पत्नी हसमुद्दीन के पति ने अमर उजाला को अपनी दर्द भरी दास्तॉ सुनाई। उसने कहा कि वह अपनी पत्नी को 2 मार्च को यहां प्रसूति कराने लाया था। चिकित्सकों ने उससे पांच यूनिट खून भी मंगवाया।
वह यह खून मेडीकल कालेज के चिकित्सकों को लाकर दे चुका है मगर अब उसकी पत्नी को दिल्ली भेजने की बात कही जा रही है। उसने बताया कि उसकी पत्नी को यहां मेडीकल कालेज के आपातकालीन गेट पर स्टेचर पर डाल दिया गया है और दिल्ली रेफर करने की बात कही जा रही है।
उसने कहा कि वह गरीब आदमी है। अपनी पत्नी को कैसे दिल्ली लेकर जाए और किस प्रकार वहां का सारा प्रबंध करे। मौके पर मौजूद सामाजिक संस्था सहगल फाउंडेशन के एक समाजसेवी जाकिर हुसैन कोटला ने बताया कि मेडीकल कालेज के चिकित्सकों के इस दुर्व्यवहार की जितनी आलोचना की जाए, उतनी थोड़ी है।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला को अगर यहां से दिल्ली ले जाते वक्त दुर्भाग्य से अगर कुछ हो जाता है तो उसके लिए कौन जिमेदार होगा। उन्होंने कहा कि मेडीकल कालेज नल्हड़ के चिकित्सकों को गर्भवती और गंभीर किस्म के मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम से कम बारह घंटे पहले रेफर करना चाहिए मगर गरीब आदमी को अचानक अपने मरीज को दिल्ली ले जाने की बात कहना, उसके साथ सरासर अन्याय है।
उधर मेवात विकास सभा के प्रधान उमर मोहमद पाड़ला, वरिष्ठ अधिवक्ता नूरूद्दीन नूर एडवोकेट, ताहिर हुसैन देवला एडवोकेट, बुजुर्ग समाजसेवी अजमत खॉ का कहना है कि मेडीकल कालेज नल्हड़ में तैनात चिकित्सक मेवात के गरीब लोगों की भावनाओं के साथ मजाक कर रहे हैं।
गर्भवती महिलाओं के साथ स्टाफ नर्सों का दुर्व्यवहार लगातार बढ़ता जा रहा है। पुन्हाना खंड के पिनगवां गांव में एक गर्भवती महिला के साथ ऐसी घटना हुई और वहां ग्रामीणों को सांकेतिक धरना देना पड़ा।
इस वाक्या की कालेज निदेशक डॉ. संसारचंद शर्मा को अमर उजाला के इस संवाददाता ने कॉल करके जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं अभी मामले को दिखवाता हूं। गर्भवती महिला की पूरी मदद की जाएगी।
चिकित्सकों से बात करने के बाद उन्होंने दोबारा बताया कि गर्भवती महिला में होमोज्लोबिन की कमी है। मेडीकल कालेज में इसकी जांच की पूरी व्यवस्था नहीं।
महिला को तीन यूनिट खून चड़ा दिया है मगर उसकी हालात में सुधर नजर नहीं आ रहा, इसलिए उसके पति को दिल्ली में इलाज कराने के लिए कहा गया है। उधर अंतिम समाचार के अनुसार इस गर्भवती महिला को दिल्ली के राजेन्द्रा टॉमा सेंटर भेज दिया गया है।