फरीदाबाद के बीके अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार होने का नाम नहीं है। गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
रविवार को झाड़सैतली निवासी नीरज प्रसव के लिए तीन घंटे तक भटकती रही। किसी ने उसकी नही सुनी। काफी माथापच्ची के बाद डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
पति सुरेंद्र ने बताया कि रविवार सुबह नीरज की तबीयत खराब हो गई। वह उसे पास के स्वास्थ्य केंद्र ले गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे बीके अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फिर वह उसे अस्पताल ले आया।
सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि वह अस्पताल में सुबह से भटक रहा है। किसी डॉक्टर ने पत्नी की सुध नहीं ली। बार-बार इलाज के लिए कहने पर भी किसी ने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया। दोपहर करीब 1:00 बजे जब उसकी पत्नी की तबीयत अधिक खराब हो गई तो डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने बताया कि छुट्टी के कारण इस तरह की किसी जानकारी उन्हें नहीं मिली है। अगर ऐसी कोई भी शिकायत उनके सामने आती है। तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।