एकजुटता की मिसाल एक्सप्रेसवे पर स्थित झट्टा गांव में देखने को मिली है। ग्रामीणों ने मुआवजे के पैसे को महंगी गाड़ियों व शान पर खर्च करने के बजाय स्कूल खोलने का निर्णय लिया।
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इसके बाद संत किशोरी शरण विद्या मंदिर के नाम से स्कूल की नींव 2014 में गांव के प्राचीन मंदिर श्री राधा बल्लभ मंदिर की करीब 15 बीघा जमीन पर रखी गई। झट्टा गांव के निवासियों ने प्राधिकरण से मिले मुआवजे की रकम से हैसियत के मुताबिक से फंड दिए।
धीरे-धीरे आसपास के गांव के लोग भी इस नेक काम से जुड़ते गए। करीब एक साल में प्राइमरी और जूनियर विंग के लिए बिल्डिंग तैयार हो गई। भवन की भव्यता का अंदाजा इस बात से लग जाता है कि चार मंजिला भवन तैयार करने में पांच करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अब भी निर्माण जारी है।
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इसके पूरा होने तक 30 से 35 करोड़ रुपये खर्च का आकलन है। अप्रैल 2015 के शैक्षणिक सत्र से प्री नर्सरी से आठवीं तक की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। करीब 400 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
इस नए सत्र से 9 में दाखिला शुरू हो गया है
स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
अब इस नए सत्र से 9 में दाखिला शुरू हो गया है। अगले दो साल में तक पढ़ाई शुरू कर हो जाएगी। 9वीं से 12वीं तक सिर्फ लड़कियों को ही शिक्षा दी जाएगी। प्रबंधन समिति का लक्ष्य है कि अगले दो साल में लड़कियों के लिए 12वीं तक की शिक्षा दी जा सके।
सीबीएसई से मान्यता के लिए ग्रामीण प्रयासरत हैं। स्कूल में स्तरीय शिक्षा देने के इरादे से नैनीताल के प्रतिष्ठित शेरवुड स्कूल के वाइस प्रिंसिपल सुनील कुमार को यहां का प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया है।
प्रधानाचार्य कहते हैं कि ग्रामीणों के आपसी सहयोग से स्तरीय शिक्षा की जो मिसाल यहां देखने को मिल रही है, वह तारीफ के काबिल है। उनके अलावा कई जाने-माने स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति साक्षात्कार के आधार पर की गई है।
ग्रामीण बताते हैं कि संत किशोरी शरण महाराज तिलपतवाले (सूरदास बाबा) से स्कूल बनाने की प्रेरणा मिली। गांव के मंदिर की स्थापना के समय ही उन्होंने स्कूल के लिए 15 बीघा जमीन नियत कर दी थी। उनके नाम पर ही स्कूल का नाम रखा गया है।
लाजवाब है प्रबंधन कमेटी
इस स्कूल की प्रबंधन समिति भी लाजवाब है। गांव में गुर्जर, चौहान और ब्राह्मण रहते हैं। तीनों बिरादरी को समान प्रतिनिधित्व देते हुए हर बिरादरी से सात-सात प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं। समिति में पांच प्रतिनिधियों में आसपास के निवासियों व एक अफसर को शामिल किया गया है।
इनमें सुखवीर सिंह, चंद्रपाल, लखीचंद शर्मा, सुंदर सिंह, मनोज कुमार, राधा चरण शर्मा, फूल सिंह, पवन शर्मा, कुलवीर शर्मा, बलवीर सिंह, महावीर सिंह, बेगराज, हरिकृष्ण, इंद्राज, राजकुमार, संजय सिंह, वीर सिंह, राजेंद्र सिंह, रामवीर शर्मा, तनसुख शर्मा, सूबे सिंह, रोहताश सिंह, सुभाष चंद, सूरज लाल शर्मा, जय भगवान, सोहनलाल और उमेद चौधरी हैं। स्कूल के संरक्षक बच्चू सिंह हैं।