प्रशांत भूषण ने इसे बेशर्मी की इंतहा बताया, योगेंद्र यादव ने कहा- ईमानदार राजनीति की राह पर अरविंद को लौटना है, हमें नहीं
‘यह आप नहीं खाप है।’
केजरीवाल के बयान के बाद प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया, ‘साले, कमीने की गाली देने, राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अपने एमएलए से हमला करवाने के बाद अब केजरीवाल हमें वापस लेना चाहते हैं। शर्मिंदगी की इंतहा है।
यह ‘आप’ नहीं है, खाप है। योगेंद्र ने ट्वीट किया, ‘सुन रहा हूं कि केजरीवाल हमारी वापसी पर खुश होंगे। लेकिन हमने तो कभी ईमानदार सियासत की राह छोड़ी ही नहीं थी।
ऐसा तो उन्होंने किया। क्या वह वापस लौटेंगे। हम तो उसी रास्ते पर चल रहे हैं। उन्हीं आदर्शों पर कायम हैं। आप ही भटके हैं अरविंद। आप तय करें कि आदर्शों पर वापस आना है या सत्ता प्यारी है?’
तोमर के बारे में योगेंद्र-प्रशांत ने नहीं बताया
बीते 28 मार्च को ‘आप’ की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में प्रशांत, योगेंद्र, आनंद कुमार और अजीत झा को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया था। फिर कुछ दिनों बाद इन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया।
इसके बाद केजरीवाल सार्वजनिक तौर पर प्रशांत-योगेंद्र गुट के मामले में टिप्पणी करने से बचते रहे। हालांकि इस बीच विरोधी गुट ने उनके लिए पार्टी पर कब्जा करने और तानाशाह होने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
शुक्रवार को केजरीवाल ने इस तरह के आरोपों से भी इनकार किया। केजरीवाल ने कहा, पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर के मामले में इन दोनों नेताओं ने मुझे आगाह नहीं किया था। जब पुलिस ने मंत्री को गिरफ्तार किया तो उसे हटा दिया गया।
इसका जवाब देते हुए भूषण ने ट्वीट किया, ‘तोमर के मामले में हाईकोर्ट की तरफ से 4 फरवरी को नोटिस जारी किया था। इसके बाद दोनों संबंधित विश्वविद्यालयों ने साफ किया था कि डिग्री फर्जी है। लेकिन केजरीवाल कहते रहे कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। झूठ है।’
पार्टी के सांसद बोले, सपा-बसपा से अलग नहीं ‘आप’
पटियाला से ‘आप’ सांसद धर्मवीर गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर केजरीवाल पर निशाना साधा। गांधी का कहना है कि केजरीवाल तानाशाह की तरह व्यवहार करते हैं।
‘आप’ सिद्धांतहीन हो गई है। आज यह पार्टी माया-मुलायम की पार्टी से अलग नहीं रह गई है। इसमें दोहरे चरित्र वाले लोग आ गए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक बयान ने शुक्रवार को दिल्ली के सियासी हलके में हलचल पैदा कर दी।
केजरीवाल का कहना है कि अगर पार्टी से बाहर निकाले गए योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण वापसी का फैसला करते हैं तो उन्हें खुशी होगी। वहीं, प्रशांत भूषण ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते इसे बेशर्मी की इंतहा तक कह दिया।
जबकि योगेंद्र यादव की नसीहत है कि आदर्श की राजनीति या सत्ता के प्यार के बीच का चुनाव केजरीवाल को करना है। शुक्रवार एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू देते वक्त अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी में प्रशांत और योगेंद्र की वापसी का स्वागत होगा।
‘डिक्टेटर होता तो इतनी बड़ी पार्टी-सरकार नहीं चलती’
वे लोगों के हित में सबको साथ लेकर काम करने में यकीन रखते हैं। दूसरी तरफ मीडिया से पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय ने कहा कि ‘आप’ की विचारधारा से इत्तेफाक रखने वाले सभी लोगों का पार्टी में स्वागत है।
वह कोई आम आदमी हो या प्रशांत या योगेंद्र। यहां व्यक्ति का सवाल ही नहीं है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि अगर मैं डिक्टेटर होता तो इतनी बड़ी पार्टी और सरकार नहीं चलती। मेरे साथ इतने लोग नहीं होते।
कुछ नहीं मिला तो कहने लगते हैं कि डिक्टेटर हूं। जहां सख्ती करनी चाहिए, वहां करते हैं। जनता के हित में काम करते हैं। आज चुनाव करा लो 70 की 70 सीटें हमें मिलेंगी।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर खुलकर हमला बोला। जितेंद्र तोमर फर्जी डिग्री, आप के कई एमएलओ को निशाना बनाने, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में चीफ नियुक्ति, वैट दर में वृद्धि और पंजाब चुनाव पर बातचीत में केंद्र सरकार पर कई आरोप भी लगाए।
इन्हें धरना कुमार क्यों नहीं कहते?
भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये भाजपा वाले मेरे घर रोजाना धरना देने आ जाते हैं, इन्हें आप धरना कुमार क्यों नहीं कहते?
एसीबी के अधिकार सीमित करने का जिक्र करने के दौरान कहा कि ये कहते हैं कि दिल्ली पुलिस का ठुल्ला अगर किसी रेहड़ी पटरी वाले से पैसे मांगता है तो उसके खिलाफ भी केस नहीं होना चाहिए, यह मंजूर नहीं है।
उपराज्यपाल के सहारे केंद्र सरकार दिल्ली को काम नहीं करने दे रही है। लेकिन वे जैसे भी हैं जनता पसंद करती है। केजरीवाल ने सीधे नरेंद्र मोदी पर हमला किया और कहा कि एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ एसीबी ने एफआईआर दर्ज की थी जिससे डर कर एसीबी को पीएमओ ने टेकओवर कर लिया।
बिना पूछे चीफ की नियुक्ति कर दी। एलजी के जरिये दिल्ली सरकार को काम करने नहीं दे रहे हैं। एक-एक करके आम आदमी पार्टी नेताओं को पुलिस निशाना बना रही है।
केवल दिल्ली सरकार को ही बना रहे निशाना
क्या इन्हें कांग्रेस के महाबल मिश्रा और भाजपा के रमेश बिधूड़ी के खिलाफ दर्ज केस नहीं दिखते। इन्हें पुलिस गिरफ्तार क्यों नहीं करती? वैट बढ़ाए जाने के सवाल पर कहा कि एकीकृत वैट दर के कारण फैसला किया।
पंजाब और हरियाणा ने भी वैट दरों में वृद्धि की, इस पर सवाल नहीं खड़े किए जा रहे हैं?केजरीवाल ने दावा किया कि 2-3 साल में वैट दर सबसे कम दिल्ली में होगी।
वहीं स्वाति मालिवाल को महिला आयोग अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर दो टूक कहा, मेरी रिश्तेदार नहीं हैं। मेरिट पर नियुक्ति की है।
दिल्ली सरकार के पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाए जाने को लेकर रेफरेंडम पर कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की राय जानेगी। जनता के हित के मसले में राय लेने में कोई बुराई नहीं है। पंजाब चुनाव पर कहा कि पार्टी वहां चुनाव लड़ेगी।