पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व की पूर्व संध्या पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने मंगलवार को एक विशाल और अलौकिक नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। यह नगर कीर्तन गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से अरदास के साथ प्रारंभ हुआ और देर शाम गुरुद्वारा नानक पियाऊ साहिब में संपन्न हुआ।
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पांच प्यारों की अगुवाई में पावन श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप मनमोहक पालकी साहिब में सुशोभित था, जिस पर संगत ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। नगर कीर्तन जब फतेहपुरी, खारी बावली, पीली कोठी रोड, आजाद मार्केट, शक्ति नगर और राणा प्रताप बाग से गुजरा, तो श्रद्धालु सड़क किनारे खड़े होकर जो बोले सो निहाल के जयघोष करते रहे।
नगर कीर्तन की शोभा गतका दलों और निहंग सिंह जत्थेबंदियों ने बढ़ाई, जिन्होंने ढोल-नगाड़ों की थाप पर रोमांचक करतब दिखाए। गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल के बच्चों ने भी शबद-कीर्तन और प्रभात फेरी से वातावरण को गुरु प्रेम में सराबोर कर दिया।
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रास्ते भर संगत ने लंगर के रूप में प्रसाद का वितरण किया। डीएसजीएमसी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि गुरु नानक का संदेश संसार को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला दीपक है।