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प्रद्युम्न हत्याकांडः CBI ने किया कंडक्टर अशोक की जमानत का विरोध, 20 को होगी अगली सुनवाई

Thu, 16 Nov 2017 06:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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- फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
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भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को हुए प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में बृहस्पतिवार को आरोपी अशोक की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव की अदालत में चली।
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अदालत ने सुनवाई के दौरान सीबीआई व गुरुग्राम पुलिस को जमकर फटकार भी लगाई। मामले की सुनवाई सुबह 10 बजे शुरू हुई। सूत्रों ने बताया कि अदालत ने गुरुग्राम पुलिस के भोंडसी थाने के उस जांच अधिकारी से मामले की जानकारी ली, जिसने मामले की जांच कर अशोक की गिरफ्तारी दिखाई।

इस मामले में अदालत ने जांच अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने जांच अधिकारी से पूछा जब उनके पास अशोक के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं था तो उन्होंने अशोक को गिरफ्तार क्यों किया? सबूत जुटाने से पहले गिरफ्तारी की जल्दीबाजी क्यों की गई ?
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इस मामले में जांच अधिकारी भी पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार की तरह अपनी बातों से पलट गए और उन्होंने अदालत में कहा कि उनकी जांच प्रारंभिक स्थिति में थी। वह आगे की जांच करते तब तक मामला सीबीआई के अधीन जा चुका था और मामले की फाइल उनसे ले ली गई थी।

इस पर उन्हें अदालत ने फटकार लगाई। बता दें कि मामले में अशोक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने 9 सितंबर को पत्रकारवार्ता कर कहा था कि उनकी जांच पूरी हो गई है और वे एक सप्ताह में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर देंगे और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलवाने की सिफारिश करेंगे।

कोर्ट के इस सवाल का जवाब नहीं दे पाई सीबीआई

- फोटो : अमर उजाला
उधर, बृहस्पतिवार को सीबीआई के अधिकारी अदालत में पेश हुए, लेकिन वह जमानत के लिए जवाब तैयार करके नहीं आए थे। इस पर अदालत ने उन्हें फटकार लगाते हुए दोपहर 2 बजे तक जवाब दाखिल करने को कहा।

दोपहर दो बजे शुरू हुई कार्रवाई के बाद सीबीआई द्वारा अपना जवाब तो दाखिल किया साथ ही साथ एक आवेदन भी किया कि उक्त मामले की सुनवाई के लिए यह न्यायिक क्षेत्र नहीं है।

इसकी सुनवाई सीबीआई अदालत में ट्रांसफर की जाए। इस पर भी अदालत ने सीबीआई अधिकारियों को फटकार लगाई। एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि जब मामले में पोक्सो एक्ट जैसी धारा लगी हो तो उसमें न्यायिक क्षेत्र वहीं होता है जिस क्षेत्र में यह घटना हुई हो।

आरोपी कंडक्टर पर पोक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। ऐसे में न्यायिक क्षेत्र गुरुग्राम होने के चलते मामले की सुनवाई जिला अदालत में ही चलेगी। उसके बाद आगे की तिथि तय की गई।

दोनों पक्षों में करीब दो घंटे तक बहस हुई

ryan international - फोटो : अमर उजाला
प्रद्युम्न हत्याकांड में बृहस्पतिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आरोपी अशोक की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने सीबीआई व गुरुग्राम पुलिस को फटकार भी लगाई।

मामले में दोनों पक्षों में करीब दो घंटे तक बहस हुई। मामले में आगे की बहस और फैसले पर सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख निश्चित की गई है। भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को हुई दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले में गुरुग्राम पुलिस ने स्कूल बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था।

22 सितंबर को हरियाणा सरकार की सिफारिश पर मामला सीबीआई के अधीन चला गया। इसकी जांच में सीबीआई ने नया मोड़ देते हुए स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अधिवक्ता मोहित वर्मा ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव की अदालत में अशोक की जमानत याचिका दायर की थी।

बृहस्पतिवार को इस याचिका पर सुनवाई हुई। सुबह 10 बजे सुनवाई शुरू होते ही अदालत ने सीबीआई को फटकार लगाई और मामले में अपना जवाब दोपहर 2 बजे तक दाखिल करने के आदेश दिए। इसके साथ ही घटना के दिन मामले की जांच कर रहे एवं अशोक को गिरफ्तार करने वाले अधिकारी को भी फटकार लगाई।
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'अबतक की जांच में कंडक्टर अशोक की संलिप्तता सामने नहीं आई है'

ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
दोपहर को शुरु हुई सुनवाई करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान सीबीआई, गुरुग्राम पुलिस ने मामले में उनकी ओर से की गई जांच के बारे में अदालत को जानकारी दी। सीबीआई द्वारा मामले में जुटाए गए सबूतों को भी अदालत के समक्ष रखा गया।

सीबीआई द्वारा रखे गए पक्ष में कहा गया कि अब तक की जांच में कंडक्टर अशोक की संलिप्तता सामने नहीं आई है, लेकिन मामला बेहद ही नाजुक स्थिति में है, ऐसे में उन्हें अशोक से पूछताछ करनी पड़ सकती है, इसलिए उसकी जमानत याचिका स्वीकार न की जाए।

सीबीआई द्वारा अदालत को स्कूल से कब्जे में लेकर साफ करवाई गई सीसीटीवी फुटेज को दिखाया गया। सीसीटीवी फुटेज देखने से पहले अदालत में मौजूद सभी अधिवक्ताओं को बाहर कर दिया गया।

फुटेज देखने के लिए केवल याचिकाकर्ता के वकील मोहित वर्मा, सीबीआई व प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर व अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल मौजूद रहे। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आगे की बहस एवं फैसले के लिए 20 नवंबर की तारीख निश्चित की है।
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