हरियाणा सरकार ने औद्योगिक बिजली दर में 50 पैसे प्रति यूनिट इजाफा कर दिया है। इससे गुड़गांव के उद्यमियों में काफी रोष है।
उनका कहना है कि पहले से ही वह तकरीबन साढ़े सात रुपये प्रति यूनिट बिजली का बिल अदा कर रहे हैं। जो बहुत ज्यादा है। अगर सरकार ने जल्द ही इस फैसले को वापस नहीं लिया तो वह आंदोलन करेंगे।
गुड़गांव की 10 हजार औद्योगिक यूनिटों पर बिजली दर में इजाफे से 10 प्रतिशत अधिक बोझ बढ़ जाएगा। आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी का कहना है कि प्रदेश सरकार का यह कदम इंडस्ट्री को और पीछे धकेलने वाला है।
पहले से ही पीक ऑवर चार्ज, फ्यूज सरजार्च और फिक्स चार्ज अधिक हैं। अब 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़त से इंडस्ट्री पर तकरीबन 80 पैसे प्रति यूनिट का बोझ पड़ेगा। इससे प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ेगी। जो उचित नहीं है। गुड़गांव की बदहाल इंडस्ट्री को देने के लिए सरकार के पास कुछ नहीं है। मगर लेने के लिए कुछ न कुछ लगातार हो रहा है।
गुड़गांव चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव एसके आहूजा ने कहा कि बिजली दर बढ़ाना ठीक नहीं है। गुड़गांव में उद्योगों की हालत पहले से ही काफी पतली है। ऐसे में बिजली दर में वृद्धि किसी मुसीबत से कम नहीं है। इसको उद्योग जगत सहन नहीं कर पाएगा। वह सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस बारे में पत्र लिखेंगे।
उद्यमियों ने बिजली मंत्री से की मुलाकात
एनसीआर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री गुड़गांव के अध्यक्ष एचपी यादव ने हरियाणा के बिजली मंत्री से शनिवार को मुलाकात की। गुड़गांव उद्योग जगत की ओर से उन्होंने औद्योगिक बिजली दर में वृद्धि के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। एचपी यादव ने उनसे कहा कि बिजली दर बढ़ने से उद्योगों की स्थिति और खराब होगी। इसे तुरंत प्रभाव से वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि बिजली मंत्री ने आश्वास दिया है कि इस फैसले पर फिर से विचार किया जाएगा।