ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वीकेंड में राजधानी में 5600 मेगावाट बिजली की डिमांड होती है जबकि यहां मौजूद पावर कंपनियां 5150 मेगावाट बिजली ही सप्लाई कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि राजधानी के बिजली संकट को दूर करने के लिए देशभर से विशेषज्ञ उन्हें सलाह दे सकते हैं।
गोयल ने कहा कि दिल्ली में बिजली के हालात सुधरने में अभी 10 से 15 का वक्त लगेगा।
'बवाना प्लांट को मिलेगी गैस'
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राजधानी में बिजली होने के बावजूद संकट है। जिसका मुख्य कारण फैसलों की कमी है।
उन्होंने कहा कि 12 साल में दिल्ली में 400 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ है।
गोयल ने बताया कि दिल्ली के सबसे बड़े प्लांट बवाना प्लांट के लिए तुरंत गैस दी जाएगी, ताकि राजधानी में आगे संकट की स्थिति न आए। एनटीपीसी प्लांट को आज रात तक गैस देगा।
'जारी होगा पावर बुलेटिन'
पीयूष गोयल ने कहा कि दादरी लाइन से पूर्वी दिल्ली लाइन को बड़ी राहत मिलेगी। इससे यहां का बिजली संकट दूर किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अब बिजली संकट पर हर दिन पावर बुलेटिन जारी होगा।
गोयल ने कहा कि पूर्वी दिल्ली में बिजली संकट सबसे ज्यादा है। इसे तत्काल दूर किया जाएगा।
'हर रोज मिलेगी जानकारी'
पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरापे लगाया कि राजधानी की पूर्ववर्ती शीला सरकार ने बिजली उत्पादन नहीं बढ़ाया। जिससे ये हालात पैदा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि 10 से 14 दिन में बिजली के हालात ठीक होंगे।
गोयल ने यह भी कहा कि अब से हमेशा सुबह 8 बजे बिजली कटौती की जानकारी दी जाएगी।
दिल्ली को 400 मेगावाट ज्यादा बिजली
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में एनटीपीसी को बिजली देने के लिए कहा गया है।
राजधानी के लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए 400 मेगावाट अतिरिक्त बिजली दी जाएगी।
उन्होंने कहा बिजली का उत्पादन बढ़ाया जाएगा और इस समस्या से मुक्ति दिलाई जाएगी।
'संदीप दीक्षित के इलाके में सबसे बुरा हाल '
ऊर्जा मंत्री ने पीयूष गोयल ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि निवेश न होने की वजह से भी बिजली के उत्पादन में कमी आई है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली की समस्या के लिए पूर्ववर्ती शीला सरकार ही जिम्मेदार हैं। गोयल ने यह भी कहा कि कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित के इलाके में बिजली का सबसे बुरा हाल है।
उन्होंने कहा कि बिजली संकट के स्थाई समाधान में कुछ वक्त लगेगा लेकिन सरकार इसे हर हाल में दूर करेगी।
'शीला दीक्षित जिम्मेदार'
केंद्रीय ऊर्जी मंत्री पीयूष गोयल ने राजधानी में बिजली संकट के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि 2002 के बाद से बिजली उत्पादन पर काम नहीं हुआ जिसका नतीजा यह है कि देश में ऊर्जा संकट आ गया है।
गोयल ने कहा कि दिल्ली के राजनीतिक संकट के लिए शीला दीक्षित सरकार जिम्मेदार है। गोयल का सीधा इशारा कांग्रेस की ओर था।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने बुलाई बैठक
दिल्ली में दिनों दिन गहराते बिजली संकट को देखते हुए इसके समाधान के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एलजी और अन्य अधिकारियों की बैठक बुलाई है। दिल्ली में लगभग दो हफ्तों से लोग बिजली की किल्लत झेल रहे हैं।
जगह-जगह धरना व घेराव करने के बाद भी लोगों को बिजली कटौती की समस्या से निजात नहीं मिल रहा है। बिजली की ऐसी हालत की वजह से लोगों को पानी भी नहीं मिल रहा है। एक तो गर्मी अपने चरम पर है और नित नए रिकॉर्ड गढ़ रही है वहीं बिजली-पानी के इस हाल से लोग बेहाल हैं।
बिजली की ऐसी हालत से दिल्ली में बिजली को लेकर राजनीति तेज हो गई है। यही कारण है कि ऊर्जा मंत्री ने आज इस मुद्दे से निपटने के लिए एलजी समेत अधिकारियों की आपात बुलाई है जो शुरू हो चुकी है।
आप के विधायक मिले हर्षवर्धन से
बिजली संकट को लेकर तेज हुई राजनीति में आज आप के विधायक स्वास्थ्य केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से मिलने पहुंचे। पर आप विधायकों के हाथ कुछ नहीं आया क्योंकि वह हर्षवर्धन से नहीं मिल सके।
दिल्ली में जल्द ही विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं ऐसे में हर पार्टी अपना जनाधार मजबूत करने की जी तोड़ कोशिश कर रही है।
यही कारण है कि आप विधायक आज हर्षवर्धन से बिजली समस्या को लेकर मिलने गए थे ये बात अलग है कि वह उनसे नहीं मिल पाए। वहीं कांग्रेस ने भी कल बिजली कटौती के विरोध में धरना प्रदर्शन किया था। पूरी दिल्ली में जगह-जगह लोग इस समस्या को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।