फरीदाबाद बिजली निगम ने पिलर बॉक्स योजना पर यू-टर्न ले लिया है। मुख्यालय ने निर्देश जारी कर योजना को जिले में फिर से शुरू करने की बात ही है।
हांलाकि इस बार पिलर बॉक्स के लिए उपभोक्ताओं का आवेदन अनिवार्य कर दिया गया है। योजना को लागू करने के लिए अधिकारियों को ओर से खाका तैयार कर लिया गया है।
लेकिन बताया जा रहा है कि इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए केवल इस बार ग्रामीण क्षेत्रों को ही चुना गया है। जिसमें निगम अधिकारियों की ओर से गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का झांसा भी दिया है।
बिजली निगम अधिकारियों के मुताबिक योजना से संबंधित निर्देश 31 जनवरी को निगम की वेबसाइट पर जारी किए गए हैं। जिन्हें एक-एक कर स्थानीय अधिकारियों को भेजा रहा है।
निर्देशों के अनुसार पिलर बाक्स योजना के लिए इच्छुक ग्रामीणों को एक आवेदन अपने संबंधित बिजली निगम कार्यालय में करना होगा। जिसके बाद आवेदक गांव में पिलर बॉक्स को लगाया जाएगा। प्रदेश सरकार और बिजली निगम प्रबंधन के आला अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद यह बदलाव किया गया है।
गौरतलब है कि पिलर बॉक्स योजना में 65 करोड़ रुपये के घोटाला सामने आया है। जिसमें कई अधिकारियों के नाम भी शामिल होने की बात कही जा रही है। इसमें दो अधिकारी फरीदाबाद कार्यकारी अभियंता विकास दहिया और पलवल डिवीजन से एसडीओ मनदीप कुंडू को निलंबित भी किया जा चुका है।
जबकि कुछ की जांच विचाराधीन है। बिजली निगम एसई आरएस यादव ने बताया कि मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के बाद कार्रवाई की जा रही है। जो गांव इच्छुक होंगे, उन्हें योजना का हिस्सा बनाया जाएगा।