पावर कारपोरेशन और नगर निगम के अफसरों की मूछों की लड़ाई में शहर की जनता को खतरा और परेशानी झेलनी पड़ेगी। कारपोरेशन ने बिना मीटर के सप्लाई ले रहे पार्कों की बिजली रात में अभियान चलाया। वहीं नगर निगम पार्कों में मीटर से सप्लाई लेने को तैयार नहीं है।
इससे रात में पार्कों में लोग नहीं टहल पाए। बुधवार शाम को बच्चों को भी अंधेरे के चलते पार्कों में न जाने दें। चेयरमैन के आदेश के बाद शहर के 85 पार्कों की सप्लाई काट दी गई।
नगर निगम के पार्को में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। ये विद्युत लाइनों से सीधे सप्लाई रहे हैं। इससे लाइट और सबमर्सेबल पंप धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। कारपोरेशन अफसरों ने नगर निगम अफसरों को कई बार कनेक्शन लेने को पत्र लिखे थे, लेकिन कनेक्शन नहीं लिए गए।
नगर निगम स्ट्रीट लाइटों का प्वाइंट के हिसाब से भुगतान करता है, इसी आधार पर पार्कों में सप्लाई प्रयोग की जा रही थी। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस में पार्कों में बिना मीटर के सप्लाई देने से स्पष्ट इंकार कर दिया।
उन्होंने तत्काल सप्लाई काटने के आदेश दिए। वीडियो कांफ्रेंस के बाद चीफ इंजीनियर एके गुप्ता ने अफसरों की बैठक ली और तत्काल पार्कों की सप्लाई काटने के आदेश दिए।
इससे शाम शहर के 85 पार्को की सप्लाई काट दी गई, इनमें से 18 पार्क अकेले राजनगर डिवीजन के हैं। शहर में 1150 पार्कों में से विकसित और अर्धविकसित करीब 800 पार्कों में लोग भ्रमण करते हैं।
इनमें से ज्यादातर पार्कों में कनेक्शन नहीं हैं। इससे पार्क अंधेरे में डूबने शुरू हो गए हैं। यहां टहने और कालोनी वालों के लिए खतरा बन गए हैं।
तत्काल करा लें कनेक्शन
पावर कारपोरेशन अफसरों ने बिजली चोरी पर सख्त तेवर अपनाए हैं। बिजली चोरी पकड़े जाने पर की जाने वाली जुर्माना राशि को बढ़ाकर दस गुने से भी ज्यादा कर दिया गया है।
उपभोक्ताओं को तत्काल बिजली कनेक्शन कराने का आदेश दिया गया है। पावर कारपोरेशन ने बिजली चोरों पर कड़ी कार्रवाई की रूपरेखा बनाई है।
इसके लिए बिजली चोरी करने वालों पर एक ओर जहां रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी, वहीं पर जुर्माना राशि भी दस गुने से ज्यादा वसूली जाएगी।
हम प्वाइंट के हिसाब से भुगतान करते हैं। इसमें लाइट और सबमर्सेबल दोनों शामिल हैं। मीटर लगवाने का प्रावधान नहीं है। इस तरह सप्लाई काटना गलत है। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी। - एसके तिवारी, उप नगर आयुक्त और उद्यान प्रभारी।